शाहजहांपुर से अशोक बिंदु के लेखन में लेनिन और एलियंस की कल्पना
शाहजहांपुर: दादीयूरी (बंडा) में जन्मे और पिछले 25 वर्षों से कटरा में रहने वाले अशोक बिंदु के ब्लॉग, लेख और पुस्तकों से लोग प्रभावित हो रहे हैं। उनके लेखन में रूस के क्रांतिकारी नेता व्लादिमीर इलिच उलियानोव लेनिन और साइबेरिया के जेल में उनके अनुभवों को सूक्ष्म शक्तियों और एलियंस के संदर्भ में चित्रित किया गया है। अशोक बिंदु ने सन 1903 से लेकर 1905 तक के रूस के राजनीतिक घटनाक्रम को विस्तार से वर्णित किया है, जिसमें बोल्शेविक स्थापना, रूस-जापान युद्ध, और 'खूनी रविवार' जैसे महत्वपूर्ण इतिहासिक घटनाओं का उल्लेख है।
उनके लेखन में साइबेरिया की धरती से लेनिन द्वारा महसूस की गई अनंत शक्तियों का जिक्र है और साथ ही पादरी गोपन के नेतृत्व में मजदूरों की हड़ताल और क्रांतिकारी आंदोलनों का भी वर्णन मिलता है। अशोक बिंदु के विचार कल्पनाओं पर आधारित हैं और उन्होंने उन्हें 'BHAVISHY : KATHANSH' के तहत प्रस्तुत किया है। उनकी रचनाएँ इतिहास और कल्पना का मिश्रण हैं, जिनमें राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं का विश्लेषण किया गया है।