ट्रेन लेट होने के लिए सिर्फ लोको पायलट जिम्मेदार नहीं वायरल वीडियो में ड्राइवर ने बताई रेलवे की असली चुनौती
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने ट्रेनों के लगातार लेट होने के पीछे की असली वजहों पर खुलकर बात की है। वीडियो में लोको पायलट ने कहा कि अक्सर लोग ट्रेन लेट होने का सारा दोष ड्राइवर पर डाल देते हैं, जबकि हकीकत इससे काफी अलग है।
लोको पायलट के मुताबिक, ट्रेन का संचालन पूरी तरह ड्राइवर के हाथ में नहीं होता। कई बार ट्रेनें लगातार लाल सिग्नल मिलने की वजह से रास्ते में रुकती रहती हैं। जब तक सिग्नल हरा नहीं होता, तब तक ट्रेन को आगे बढ़ाना संभव नहीं होता। इसके अलावा रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और अलग-अलग ट्रेनों को दी जाने वाली प्राथमिकता भी देरी की बड़ी वजह बनती है।
वीडियो में लोको पायलट ने बताया कि कई बार एक्सप्रेस, सुपरफास्ट या वीआईपी ट्रेनों को पहले रास्ता दिया जाता है, जिसके कारण दूसरी ट्रेनों को लंबे समय तक रोकना पड़ता है। उसने कहा कि हम खुद चाहते हैं कि ट्रेन समय पर चले और हम जल्दी घर पहुंचें, लेकिन कई बार हालात हमारे नियंत्रण में नहीं होते।
लोको पायलट ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि ट्रेन को निकले दो घंटे हो चुके थे, लेकिन लगातार पासिंग और सिग्नल रुकावटों की वजह से ट्रेन केवल 30 किलोमीटर ही चल पाई। उसने कहा कि ट्रेन लेट होने की जिम्मेदारी उस सिस्टम पर होती है जो तय करता है कि किस ट्रेन को पहले निकालना है और किसे रोकना है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने लोको पायलट की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि पहली बार किसी ने रेलवे संचालन की असली तस्वीर दिखाई है। वहीं कुछ यूजर्स ने ओवरटाइम और नौकरी से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग रेलवे सिस्टम को लेकर अपनी राय खुलकर रख रहे हैं।