पालघर: डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने उच्च रक्तचाप जागरूकता पर जोर दिया
शिवाजीपालघर, महाराष्ट्र।अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर शिव इलेक्ट्रो होम्योपैथिक क्लिनिक, शिवाजी नगर पालघर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि युवा वर्ग, नौकरीपेशा लोग, महिलाएं और यहां तक कि छात्र भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च रक्तचाप को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण लंबे समय तक दिखाई नहीं देते, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता रहता है। लगातार हाई बीपी रहने से हृदयाघात (हार्ट अटैक), ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेलियर, आंखों की रोशनी कमजोर होना, नसों में कमजोरी तथा मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक जागना, मोबाइल और स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग, जंक फूड का बढ़ता चलन, अत्यधिक नमक और तेलयुक्त भोजन, धूम्रपान, शराब तथा मानसिक तनाव हाई बीपी के प्रमुख कारण बन चुके हैं। लोग अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच नहीं कराते, जिसके कारण बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है।
डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही उच्च रक्तचाप से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट तक तेज चलना, योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम करना चाहिए। सुबह जल्दी उठने और पर्याप्त नींद लेने की आदत भी शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि भोजन में हरी सब्जियां, सलाद, मौसमी फल, दालें, अंकुरित अनाज, ओट्स, नारियल पानी, छाछ और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल करना चाहिए। अत्यधिक नमक, पैकेट फूड, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक, ज्यादा मीठा और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। बाहर का भोजन कम से कम लेना चाहिए तथा धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से पूरी तरह बचना चाहिए।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि तनाव भी हाई बीपी का एक बड़ा कारण है। इसलिए लोगों को मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान (मेडिटेशन), योग और सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। परिवार के साथ समय बिताना, पर्याप्त आराम करना और खुश रहना भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में रोगी की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति का गहराई से अध्ययन कर उपचार किया जाता है, जिससे उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। सही समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से इस बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जांच कराएं, संतुलित जीवनशैली अपनाएं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें।
शिवा इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्लिनिक
पालघर, महाराष्ट्र
संपर्क: 8604532647