मंगलोर विधायक ने सरकारी अस्पताल में की ड्रामेबाजी
चुनाव नजदीक आते ही मंगलौर विधानसभा में नेता जी द्वारा ड्रामेबाजी ओर नौटंकी का खेल शुरू! राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस विधानसभा मगलोर के विधायक काजी निजामुद्दीन सरकारी हॉस्पिटल मंगलौर की वायरल वीडियो मामले में अब सच्चाई सामने आ चुकी हैं। जनता को गुमराह करने के लिए रची जा रही थी साजिश ,स्क्रिप्टेड राजनीति और बनावटी ड्रामा अस्पताल प्रशासन की सफाई के बाद विधायक की भूमिका पर उठे और गंभीर सवाल । वॉयरल वीडियो में जो मरीज़ दिखाया गया है। वह कुछ समय पहले ही आया था वहां पर मरीज़ और उसकी पत्नी आकर ही बेंच बैठे थे। उसके थोड़ी देर बाद वो मरीज़ अपनी पत्नी का इशारा मिलते ही ज़मीन पर लेट गया। उसके तुरंत बाद राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस विधानसभा मंगलौर के विधायक काजी निजामुद्दीन गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मंगलौर पहुंचते है। ओर उस मरीज़ को देखते ही हंगामा शुरू कर दिया। ओर हॉस्पिटल कर्मचारी को धमकाना शुरू कर दिया। काफी समय तक नेता जी ड्रामा करते रहे। ओर अपनी वीडियो बनवाते रहे। विधायक जी को मालूम नहीं था कि हॉस्पिटल में सीसी टीवी कैमरे लगे हुए थे । सारी घटना हॉस्पिटल के कैमरे में कैद है।वायरल वीडियो के संबंध में अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया। फुटेज में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि मरीज दिलशाद अपनी पत्नी के इशारे के बाद विधायक जी के वाहन के अस्पताल परिसर में पहुंचते ही जमीन पर लेट गया। इससे यह प्रतीत होता है कि पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित थी। और पूर्व अध्यक्ष इस्लाम चौधरी ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मंगलौर डॉक्टर से गाली गलौज ओर अभद्रता कि जबकि उन्हें अपनी उम्र का लिहाज भी नहीं आया डॉक्टरों की वजह से ही उनकी जान बच पाई थी और दूसरों पर कीचड़ उछल रहे हैं। इस वॉयरल वीडियो में सब साफ-साफ नजर आ रहा है। यह ड्रामा बाजी उस समय 2024 के इलेक्शन में हुए लिब्बरहेड़ी झगड़े का अगला पार्ट थी।जो इन्हीं महोदय द्वारा कराया गया था। उस झगड़े के बाद भी ये नेता जी जिस व्यक्ति को चोट आई थी इसी तरह से अपनी गाड़ी में उठाकर हॉस्पिटल ले गए थे। ये घटना भी उसी प्रकार से पूर्व नियोजित थी। जिसको विधायक जी द्वारा किया गया था। यदि इस प्रकार की घटना को कोई आम आदमी द्वारा किया होता तो अब तक उस पर न जाने हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा कितने मुक़दमे हो जाते। हो सकता अगर आप इंसान होता तो उसे पर मुकदमा क्यों कायमहोता