"मंदिरों का सोना ले लो वाले बयान पर बवाल: श्री श्री रविशंकर को लोगों ने घेरा, बोले- पहले अपना ट्रस्ट दान करो"
"मंदिरों का सोना ले लो वाले बयान पर बवाल: श्री श्री रविशंकर को लोगों ने घेरा, बोले- पहले अपना ट्रस्ट दान करो"
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के एक बयान पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। श्री श्री ने कहा था कि संकट की घड़ी में सरकार को मंदिरों का सोना ले लेना चाहिए। इसके बाद लोगों ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले वे अपने ट्रस्ट की सारी संपत्ति सरकार को दान कर दें।
क्या कहा था श्री श्री रविशंकर ने?
श्री श्री रविशंकर ने हाल ही में कहा था कि देश पर संकट के समय सरकार को मंदिरों में जमा सोना ले लेना चाहिए। उनके इस बयान के बाद हिंदू संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स में नाराजगी देखी जा रही है।
लोगों का पलटवार: पहले अपना ट्रस्ट दान करो
श्री श्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, "!!!आप पहले अपने ट्रस्ट की सारी संपत्ति सरकार को दान कर दीजिए !!" लोगों का कहना है कि जब शांतिकाल में सरकार सेकुलर संविधान का हवाला देकर मंदिरों पर खर्च नहीं करती, तो संकट में मंदिरों का सोना क्यों मांगा जा रहा है?
वक्फ बोर्ड-चर्च की संपत्ति क्यों नहीं?
विरोध जता रहे लोगों ने सवाल उठाया कि क्या वक्फ बोर्ड और चर्च के पास कम पैसा या जमीनें हैं? उन्होंने कहा कि मंदिरों को टैक्स के नाम पर वसूली कर अल्पसंख्यक स्कीमों में बांटा जाता है, फिर भी देशभक्ति का ठेका सिर्फ मंदिरों के भक्तों का क्यों? एक यूजर ने लिखा, "क्या ये जमीनें अरब और इटली से पीठ पर लाद कर लाए थे? क्या ये देश इनका नहीं है?"
ये पैसा भक्तों का है, सरकार का नहीं
लोगों का आरोप है कि मंदिरों का पैसा श्रद्धालुओं का है, सरकार का नहीं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा कि अगर रविशंकर को ज्यादा चिंता है तो वे अपनी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की संपत्तियों को बेचकर सरकार को दान कर दें। "आखिर ये पैसा उनके भक्तों का ही तो है, किसने रोका है?" एक पोस्ट में लिखा गया।
श्री श्री रविशंकर की ओर से इस विरोध पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन उनके बयान के बाद मंदिरों की संपत्ति और सेकुलरिज्म को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
#SriSriRaviShankar #MandirGold #Secularism #WaqfBoard #TempleTax #ViralNew