5.60 लाख वेतन रोकने का आरोप, Flexituff कंपनी के खिलाफ श्रम विभाग और समाधान विभाग में शिकायत दर्ज
खबर विस्तार से:
उत्तराखंड में श्रमिकों के बकाया वेतन को लेकर एक और बड़ा मामला सामने आया है। Flexituff Ventures International Limited कंपनी के खिलाफ कर्मचारी धर्मपाल सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए श्रम विभाग एवं समाधान विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत एडवोकेट उपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री, विश्व हिंदू रक्षा संगठन द्वारा करवाई गई है।
जानकारी के अनुसार, धर्मपाल सिंह 01 जुलाई 2023 से कंपनी में कार्यरत थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि कंपनी ने नवंबर 2024 से सितंबर 2025 तक का लगभग 5,60,000 वेतन रोक रखा है।
धर्मपाल सिंह के अनुसार, उन्होंने 20 सितंबर 2025 को कंपनी से विधिवत इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बाद भी कंपनी द्वारा उनका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं किया गया और आज तक वेतन उनके खाते में जमा नहीं कराया गया।
कंपनी पर गंभीर श्रम कानून उल्लंघन के आरोप
शिकायत में कहा गया है कि कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है और श्रम कानूनों की अनदेखी कर रही है।
मामले में आरोप लगाया गया है कि:
लंबे समय से वेतन रोका गया
इस्तीफे के बाद भी भुगतान नहीं किया गया
कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है
सितंबर 2025 से अवैध ले-ऑफ लागू किया गया
एडवोकेट उपेंद्र सिंह ने उठाई आवाज
इस पूरे मामले को एडवोकेट उपेंद्र सिंह ने प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई रोकना पूरी तरह अन्याय है और दोषी कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि यह मामला अब श्रम विभाग उत्तराखंड और समाधान विभाग दोनों तक पहुंच चुका है और कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कानूनी रूप से मामला गंभीर
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी पर निम्न कानूनों के उल्लंघन के आरोप बनते हैं:
Payment of Wages Act, 1936
Code on Wages, 2019
Industrial Disputes Act, 1947
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
अब सभी की नजर श्रम विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें उनका बकाया भुगतान मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
श्रमिकों के हक की लड़ाई जारी रहेगी, अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद रहेगी।