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*ऐतिहासिक और अविस्मरणीय: तवाव की धरा पर श्रद्धा का सैलाब, बाबा रामदेवजी का चतुर्थ ध्वजारोहण महोत्सव संपन्न* *तवाव (जालोर):*

*ऐतिहासिक और अविस्मरणीय: तवाव की धरा पर श्रद्धा का सैलाब, बाबा रामदेवजी का चतुर्थ ध्वजारोहण महोत्सव संपन्न*
*तवाव (जालोर):*
आस्था, अटूट विश्वास और सामाजिक एकता का अनूठा संगम आज ग्राम *तवाव* की पावन धरा पर देखने को मिला। कलयुग के अवतारी, द्वारिकाधीश स्वरूप *बाबा रामदेवजी महाराज का चतुर्थ (4th) वार्षिक अमर ध्वजारोहण महोत्सव* किसी ऐतिहासिक पर्व की तरह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान पूरा गाँव बाबा के भक्ति रंग में रंगा नजर आया और जयकारों की गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
*शिखर पर लहराई आस्था की ध्वजा*
महोत्सव का मुख्य आकर्षण मंदिर के शिखर पर होने वाला ध्वजारोहण रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ जब धर्म की अमर ध्वजा लहराई गई, तो उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं की आँखें श्रद्धा से भर आईं। यह क्षण समस्त ग्रामवासियों के लिए गौरव और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बन गया। भक्तों का मानना है कि यह ध्वजा न केवल मंदिर की शोभा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और खुशहाली का आशीर्वाद है।
*वेलाणी परिवार का अनुकरणीय समर्पण*
इस वर्ष बाबा के चरणों में ध्वज अर्पित करने का परम सौभाग्य **लाभार्थी परिवार श्रीमान उकारामजी (पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत तवाव) सुपुत्र श्री पुनमाजी राजपुरोहित* को प्राप्त हुआ। *समस्त वेलाणी परिवार* ने इस आयोजन में अपनी सेवाएँ देकर भक्ति की मिसाल पेश की। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ दूर-दराज से आए सगे-संबंधियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
*भजन संध्या और भक्ति का उफान*
आयोजन के दौरान आयोजित भव्य भजन संध्या में स्थानीय एवं प्रसिद्ध कलाकारों ने बाबा के भजनों की ऐसी सरिता बहाई कि भक्त रातभर झूमते रहे। "खम्मा-खम्मा ओ अजमल जी रा कंवरा" जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं का नृत्य और उत्साह देखते ही बनता था। कार्यक्रम में महाप्रसादी का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने पंगत में बैठकर एकता का संदेश दिया।
*36 कौम की एकता और सेवा का संकल्प*
संस्था के पदाधिकारियों ने लाभार्थी परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और सेवा की भावना मजबूत होती है। विशेष रूप से *श्री वोकल माता नंदी गौशाला (36 कौम समिति)* के प्रति परिवार के सहयोग को ऐतिहासिक बताया गया। आयोजन की सफलता में ग्रामवासियों, युवाओं और स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस उत्सव को यादगार बनाया।
*प्रशासनिक और गणमान्य जनों की उपस्थिति*
कार्यक्रम में आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी ने एक स्वर में बाबा से प्रार्थना की कि तवाव की यह धरा हमेशा खुशहाल रहे और गौ-सेवा व जीव-दया के संकल्प इसी प्रकार फलीभूत होते रहें।
* विशेष कवरेज: न्यूज रिपोर्टर#Ronsinghtawao
(All India Media Association)*
*ग्राम: तवाव (जालोर)*

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