पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर असर, कई शहरों में लंबी कतारें :-
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में ३ रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी किए जाने के बाद आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ना शुरू हो गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच तेल कंपनियों ने यह फैसला लिया है। नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग ९७.७७ प्रति लीटर और डीजल ९०.६७ प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई सहित कई बड़े महानगरों में भी संशोधित कीमतें लागू कर दी गई हैं। इसी के साथ दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी २ प्रति किलो की वृद्धि की गई है, जिसके बाद नई कीमत लगभग ८७ प्रति किलो हो गई है। उल्लेखनीय है कि बीते लगभग ११ सप्ताहों से तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती लागत और आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण यह बढ़ोतरी करनी पड़ी। कीमत बढ़ने की खबर सामने आते ही कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों की टंकियां पहले से भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे कई स्थानों पर पैनिक बाइंग जैसी स्थिति देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में वृद्धि का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में खाद्य वस्तुओं, माल ढुलाई और रोजमर्रा के खर्चों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितता ने बाजार की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। यह घटनाक्रम एक बार फिर दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रमों का सीधा प्रभाव आम नागरिकों की दैनिक जिंदगी और घरेलू बजट पर पड़ता है।