"गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय में नकली दवाओं का आरोप: मरीजों की संख्या 1500 से घटकर 200, CM योगी से उच्चस्तरीय जांच की मांग"
"गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय में नकली दवाओं का आरोप: मरीजों की संख्या 1500 से घटकर 200, CM योगी से उच्चस्तरीय जांच की मांग"
गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय में नकली और घटिया दवाओं की आपूर्ति का गंभीर आरोप सामने आया है। सिरसिया गांव निवासी जयनारायण राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
1500 से 200 रह गए मरीज
शिकायतकर्ता जयनारायण राय का आरोप है कि पहले विश्वविद्यालय के अस्पताल में रोजाना 1500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 200 से भी कम रह गई है। उन्होंने इसकी वजह चिकित्सकों द्वारा कथित तौर पर मोनोपोलिक कंपनियों की नकली और निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं लिखना बताया है।
मिट्टी-रेत मिलाने तक के आरोप
पत्र में कहा गया है कि मरीजों को निःशुल्क वितरण के लिए मंगाई जा रही कई औषधियां भी मानकों पर खरी नहीं उतर रहीं। कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में मिट्टी, रेत और हानिकारक रंगों के इस्तेमाल तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इससे मरीजों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
महंगी दवाएं लिखने का आरोप
जयनारायण राय ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सक अस्पताल में उपलब्ध सस्ती दवाओं के बजाय अपनी निजी दुकानों पर मिलने वाली महंगी दवाएं मरीजों को लिख रहे हैं। इससे गरीब और ग्रामीण मरीज आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं और इलाज से कतरा रहे हैं।
CM से सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विश्वविद्यालय में खरीदी जा रही सभी दवाओं की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों का विश्वविद्यालय पर भरोसा दोबारा कायम हो सके।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है।
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