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आम आदमी पार्टी, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) स्थानीय बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे प्रशासन नरेन्द्र नाग

आम आदमी पार्टी के बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार, श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कमजोर नीतियों और लापरवाही के कारण अबुझमाड़ और कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के लगभग 300 मजदूर उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) में बंधक जैसी स्थिति में फंसे हुए हैं।

नरेन्द्र नाग ने आरोप लगाया कि यह केवल श्रम शोषण का मामला नहीं, बल्कि मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसा गंभीर अपराध है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

"रोजगार का झांसा देकर किया गया शोषण"

नारायणपुर और कांकेर जिले के सैकड़ों आदिवासी मजदूरों, जिनमें बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चे और बालिकाएं भी शामिल हैं, को रोजगार का लालच देकर उत्तर प्रदेश ले जाया गया। उन्हें पहले रायपुर में काम दिलाने और 1520 हजार रुपये मासिक वेतन का वादा किया गया, लेकिन बाद में उन्हें इलाहाबाद के करीब 22 ईंट भट्टों में बांट दिया गया।

वहां मजदूरों को अमानवीय परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें न तो तय मजदूरी दी जा रही है और न ही घर लौटने की अनुमति दी जा रही है। विरोध करने पर उन्हें डराया और धमकाया जाता है।

"तोता तिवारी पर गंभीर आरोप"

मजदूरों के अनुसार तोता तिवारी नामक व्यक्ति बस्तर क्षेत्र के गांव-गांव जाकर भोले-भाले आदिवासियों को झूठे सपने दिखाकर बाहर ले जाता है और फिर ईंट भट्टों में उनका शोषण करवाता है। इस पूरे मामले में किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

"पीड़ित की आपबीती ने खोली पोल"

भरंडा-हुच्चाकोट निवासी बुजुर्ग सोपसिंह दुग्गा ने दो माह तक वहां अमानवीय परिस्थितियों में रहने के बाद किसी तरह लौटकर अपनी आपबीती नरेन्द्र नाग को सुनाई। उनकी कहानी बेहद भयावह और मानवता को झकझोर देने वाली है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

इतने बड़े स्तर पर आदिवासी मजदूरों और नाबालिग बच्चों को प्रदेश से बाहर ले जाया गया, लेकिन जिला प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह बेहद चिंताजनक है।

मुख्य मांगें:-

आम आदमी पार्टी ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि:-

1. इलाहाबाद में फंसे सभी मजदूरों को तत्काल सुरक्षित वापस लाया जाए।

2. दोषियों, दलालों और ईंट भट्टा संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त नीति और निगरानी तंत्र बनाया जाए।

चेतावनी:-

नरेन्द्र नाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला बस्तर के आदिवासी मजदूरों के साथ हुए सबसे बड़े श्रमिक शोषण कांड के रूप में सामने आएगा और आम आदमी पार्टी जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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