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*जोधपुर: मानसिक रूप से अस्वस्थ लक्ष्मण राम 10 साल से जंजीरों में बंद*

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले के हरियाढाणा से पटेल नगर जाने वाले रास्ते पर 36 वर्षीय लक्ष्मण राम मेघवाल पिछले 10 से 12 वर्षों से लोहे की जंजीरों में कैद हैं। मानसिक रूप से अस्वस्थ लक्ष्मण कभी गांव की गलियों में घूमते थे, लेकिन अब उनका जीवन छोटे से कमरे में सीमित है। परिवार मजबूरी में उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए उन्हें बांधकर रखता है। उनके छोटे भाई चंद्रु और वृद्ध माता गुड्डी देवी का कहना है कि जंजीरों से मुक्त होने पर लक्ष्मण अनियंत्रित होकर आसपास के लोगों पर पत्थर फेंकने लगते हैं।

74 वर्षीय विधवा गुड्डी देवी मजदूरी और वृद्धावस्था पेंशन के सहारे परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, जबकि छोटा भाई भी मजदूरी करता है। परिवार के पास लक्ष्मण के समुचित इलाज के लिए आर्थिक संसाधन नहीं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार मानसिक रोगियों को सम्मानजनक जीवन और उचित उपचार मिलना उनका अधिकार है, लेकिन लंबे समय तक जंजीरों में बांधना मानवाधिकारों के खिलाफ है। परिवार ने कई बार स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी, लेकिन सीमित कार्रवाई के बाद मामला ठंडा पड़ गया। यह स्थिति ग्रामीण मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरियों और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है।

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