मसूरी में दो घटनाओं के बाद बढ़ा तनाव
नगर पालिका कर्मचारियों के साथ मारपीट, विरोध प्रदर्शन और सफाई कार्य ठप
Mussoorie में बुधवार देर शाम से लेकर गुरुवार सुबह तक हुए घटनाक्रमों ने पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। नगर पालिका कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की दो अलग-अलग घटनाओं के बाद कर्मचारियों, वाल्मीकि समाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और कार्य बहिष्कार की स्थिति बनी रही, जबकि पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार पहली घटना शाम के समय ट्रैफिक जाम के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि नगर पालिका का एक कर्मचारी अपने स्कूटर पर ड्यूटी के दौरान मौजूद था। इसी दौरान एक वाहन के गलत दिशा से आने पर कर्मचारी ने चालक को टोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बात बढ़ने पर चालक वाहन से नीचे उतरा और कर्मचारी के साथ मारपीट कर मौके से फरार हो गया। इस घटना में कर्मचारी के होंठों पर गंभीर चोट आई तथा उसका आगे का एक दांत टूट गया।
इस घटना के कुछ ही घंटों बाद देर रात दूसरी और अधिक गंभीर घटना सामने आई। नगर पालिका कर्मचारियों और दूसरे पक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक झड़प में बदल गया। कर्मचारियों का आरोप है कि कई कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई, जिसमें एक युवक के सिर और आंख के नीचे गहरी चोटें आईं। घायल कर्मचारी की तस्वीरें और वीडियो सुबह से सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने रहे|
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद देर रात कोतवाली के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जहां कथित रूप से धमकी और डराने-धमकाने का माहौल बनाया गया। पूरी रात कोतवाली परिसर और आसपास तनाव बना रहा।
सुबह होते ही नगर पालिका कर्मचारी और वाल्मीकि समाज के लोग बड़ी संख्या में झूलाघर और कोतवाली क्षेत्र में जमा हो गए। कर्मचारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए सड़क जाम जैसी स्थिति भी बनी रही। विरोध के चलते शहर के कई हिस्सों में सफाई कार्य प्रभावित रहा और नगर पालिका कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया।
स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष Meera Saklani, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन और कई सभासद कोतवाली पहुंचे। पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि नगर पालिका कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता, हिंसा या धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद मसूरी में कानून व्यवस्था, कर्मचारियों की सुरक्षा और बढ़ती आक्रामकता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोगों का कहना है कि जो कर्मचारी रोज शहर को साफ और व्यवस्थित रखने का काम करते हैं, उनके साथ इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।