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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिल्ली से अधिक लगेगा यूजर शुल्क:-

एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए नई यूजर शुल्क संरचना को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद जेवर स्थित इस आगामी एयरपोर्ट से यात्रा करना दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) की तुलना में अधिक महंगा हो जाएगा। यह नई शुल्क व्यवस्था 15 जून 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। नई दरों के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ान भरने वाले यात्रियों को प्रस्थान के समय 490/- का यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) देना होगा, जबकि आगमन पर 210/- शुल्क लिया जाएगा। इसके विपरीत, दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर वर्तमान में घरेलू यात्रियों से प्रस्थान पर 129/- और आगमन पर 56/- शुल्क वसूला जा रहा है। दोनों एयरपोर्ट के शुल्कों में यह बड़ा अंतर यात्रियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अभी अपने प्रारंभिक विकास चरण में है और भारी आधारभूत संरचना निवेश, परिचालन व्यय तथा अत्याधुनिक सुविधाओं के निर्माण की लागत को संतुलित करने के लिए यह उच्च शुल्क तय किया गया है। जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भविष्य में विशाल यात्री और कार्गो संचालन की योजना है। एविएशन सेक्टर से जुड़े विश्लेषकों का कहना है कि एयरपोर्ट के शुरुआती वर्षों में पूंजीगत निवेश की वसूली के लिए इस प्रकार के शुल्क आम तौर पर अधिक रखे जाते हैं। हालांकि, इससे टिकटों की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना भी जताई जा रही है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। विशेष रूप से नियमित घरेलू यात्रियों और बजट एयरलाइंस के ग्राहकों पर इसका प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के एक बड़े वैकल्पिक एविएशन केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे दिल्ली- क्षेत्र में बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम किया जा सके। सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन को उम्मीद है कि अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, आधुनिक टर्मिनल सुविधाएं और बड़े स्तर की परिचालन क्षमता के कारण भविष्य में यह एयरपोर्ट देश के प्रमुख एयर ट्रांजिट केंद्रों में शामिल होगा। नई शुल्क व्यवस्था को लेकर यात्रियों और एविएशन उद्योग में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवश्यक कदम मान रहे हैं, वहीं कई यात्रियों ने अधिक यूजर फीस को चिंता का विषय बताया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उच्च शुल्क के बावजूद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों और एयरलाइंस को किस हद तक आकर्षित कर पाता है।

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