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श्रीमद्भागवत कथा में सृष्टि रचना और कपिल मुनि प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन

श्रीमद्भागवत कथा में सृष्टि रचना और कपिल मुनि प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन
खेसरहा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छितही में बिशम्भर मिश्रा के यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गोरखपुर से आए हुए कथा व्यास हनुमान मिश्रा ने भगवान की सृष्टि रचना से जुड़े दिव्य प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा व्यास ने बताया कि प्रलय काल में भगवान विष्णु की नाभि से निकले कमल पर ब्रह्मा जी प्रकट हुए। भगवान की आज्ञा प्राप्त कर उन्होंने सृष्टि की रचना का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में ब्रह्मा जी अपनी उत्पत्ति को लेकर चिंतित और अज्ञान की स्थिति में थे। सत्य की खोज में उन्होंने कमलनाल में प्रवेश कर कठोर तपस्या की, जिसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें दिव्य ज्ञान प्रदान किया।
कथा के दौरान कपिल मुनि के जन्म और उनके ज्ञानोपदेश का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत के तृतीय स्कंध में सृष्टि की उत्पत्ति, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का गूढ़ रहस्य समाहित है, जो मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
कथा के बीच श्रद्धालु भगवान के भजनों पर भावविभोर होकर झूम उठे और भक्ति भाव से कथा का रसपान किया। पूरे कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

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