*छबड़ा नगरपालिका के स्वच्छता अभियान की खुली पोल*
त छबड़ा नगरपालिका का स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों पर है। दो इमारतों
*छबड़ा नगरपालिका के स्वच्छता अभियान की खुली पोल* साहू समाज और मीणा समाज दोनों के बीच की गली इस तरह गंदगी खेल रही है
तस्वीर में साफ दिख रहा है कि छबड़ा नगरपालिका का स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों पर है। दो इमारतों के बीच खाली जगह कचरे के ढेर में तब्दील हो चुकी है।
*तस्वीर में क्या दिख रहा है:*
- *कचरे का अंबार*: प्लास्टिक, पॉलिथीन और गंदगी का ढेर हर तरफ फैला है।
- *जानवरों का जमावड़ा*: कचरे में सूअर घूम रहे हैं और खाना ढूंढ रहे हैं।
- *बदहाल स्थिति*: आसपास झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं।
*क्या समस्या है:*
1. *बीमारी का खतरा*: इस तरह खुले में कचरा और उसमें पल रहे जानवर डेंगू, मलेरिया, डायरिया जैसी बीमारियों को न्योता देते हैं।
2. *अभियान पर सवाल*: स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगरपालिका को नियमित सफाई करनी चाहिए, लेकिन यहाँ हालात उल्टे हैं।
3. *बदबू और गंदगी*: आसपास रहने वाले लोगों को बदबू और गंदगी से परेशानी हो रही होगी।
ये तस्वीर नगरपालिका के दावों की पोल खोल रही है। स्वच्छता सिर्फ नारे लगाने से नहीं, जमीन पर काम करने से आएगी। प्रशासन को तुरंत कचरा हटवाकर यहाँ नियमित सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए।