मध्य प्रदेश के जबलपुर में प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का असर अब ज़मीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।
पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज जस्टिस डीडी बंसल ने एक अनोखी पहल की।
जस्टिस बंसल अपने सरकारी आवास से करीब तीन किलोमीटर की दूरी साइकिल चलाकर एमपी हाई कोर्ट पहुंचे। उन्होंने यह कदम सिर्फ एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में नहीं, बल्कि आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से उठाया। संकट के समय में ईंधन की बचत कितनी जरूरी है, इसका संदेश उन्होंने अपने व्यवहार से देने की कोशिश की।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद यह पहला मौका था जब जस्टिस बंसल साइकिल से कोर्ट पहुंचे। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि जहां संभव हो, वहां पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करें और वैकल्पिक साधनों को अपनाएं।
आज के दौर में बढ़ती महंगाई, प्रदूषण और ईंधन संकट के बीच यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है। यदि समाज के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग खुद उदाहरण पेश करें, तो आम जनता पर उसका प्रभाव अधिक पड़ता है। साइकिल चलाने से न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचता है।
हालांकि कुछ लोग इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम मान रहे हैं, लेकिन कई लोगों का कहना है कि बदलाव की शुरुआत छोटे प्रयासों से ही होती है। अगर आम लोग भी छोटी दूरी के लिए बाइक और कार की जगह साइकिल या पैदल चलना शुरू करें, तो इससे देश स्तर पर ईंधन की खपत में बड़ा अंतर आ सकता है।
अब देखना यह होगा कि क्या इस तरह की पहल समाज में व्यापक जागरूकता पैदा कर पाएगी या यह केवल कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगी।
आपकी इस पहल पर क्या राय है? क्या छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग बढ़ना चाहिए? अपनी प्रतिक्रिया हमें कमेंट में जरूर बताएं।