हिमाचल पंचायत चुनाव: नामांकन पत्रों की छंटनी पूरी, सात जिलों में प्रधान पद के 30 आवेदन रद्द
शिमला: हिमाचल प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के बाद आज प्रदेश भर में नामांकन पत्रों की जांच (सक्रूटनी) का कार्य पूरा कर लिया गया। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की गई इस बारीकी से जांच में प्रदेश के सात जिलों से प्रधान पद के कुल 30 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए हैं।
क्यों रद्द हुए नामांकन?
निर्वाचन विभाग के अनुसार, नामांकन रद्द होने के पीछे मुख्य कारण आवेदन फॉर्म भरने में बरती गई लापरवाही रही। जांच में पाया गया कि:
अधिकतर आवेदन फॉर्म त्रुटिपूर्ण या गलत तरीके से भरे गए थे।
कई उम्मीदवारों ने एक ही पद के लिए दो-दो नामांकन दाखिल कर दिए थे, जिसके चलते नियमों के तहत उनका एक नामांकन निरस्त कर दिया गया।
कुछ आवेदनों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी भी पाई गई।
मंडी में गिली सबसे ज्यादा गाज
जिलों की स्थिति पर नजर डालें तो नामांकन रद्द होने के मामले में मंडी जिला सबसे आगे रहा। जिलों का विवरण इस प्रकार है:जिला रद्द हुए नामांकन (प्रधान पद)
मंडी 09
कांगड़ा 06
हमीरपुर 05
शिमला 03
चंबा 02
सिरमौर 02
किन्नौर 01
लाहौल-स्पीति 01अन्य पदों पर भी गिरी गाज
सिर्फ प्रधान पद ही नहीं, बल्कि वार्ड मेंबर, उप-प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन पत्रों में भी भारी खामियां पाई गई हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए इन पदों के लिए अयोग्य पाए गए उम्मीदवारों को भी चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया है।
चुनावी तस्वीर हुई साफ:
नामांकन पत्रों की इस छंटनी के बाद अब संबंधित पंचायतों में चुनावी स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। अब मैदान में केवल वही प्रत्याशी बचे हैं जिनके दस्तावेज पूरी तरह सही पाए गए हैं। अगले चरण में नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे, जिसके साथ ही प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है।