आज **मातृ दिवस**
आज **मातृ दिवस** हैएक ऐसा दिन जो उस निस्वार्थ प्रेम को समर्पित है, जिसका कोई विकल्प दुनिया में मौजूद नहीं है। मां की ममता और त्याग को मेरे द्वारा एक छोटा सा प्रयास है ,
#ममता का व्याकरण: एक छोटा लेख
माँ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि **पूरी कायनात का सार** है। अगर ईश्वर को किसी एक रूप में देखना हो, तो वह माँ ही है। हम अक्सर "सफलता" की तलाश में बाहर भटकते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हमारी सबसे पहली और सबसे बड़ी जीत वह है, जब माँ ने हमें बोलना और चलना सिखाया।
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम शायद ही कभी रुककर उन्हें शुक्रिया कहते हैं। पर सच तो यह है कि माँ को महंगे तोहफों की ज़रूरत नहीं होती; उन्हें बस आपका थोड़ा सा **वक्त**, **सम्मान** और वह **पुरानी मुस्कुराहट** चाहिए, जिसे देखकर उन्होंने अपना पूरा जीवन संवार दिया। आज का दिन खुद से यह वादा करने का है कि हम उनकी ममता का कर्ज तो नहीं उतार सकते, पर उनके बुढ़ापे की लाठी और उनके चेहरे की खुशी ज़रूर बन सकते हैं।
#विशेष कविता: "वो घर को घर बनाती है"
जब कभी मैं थक कर हार जाता हूँ,
वो हौसलों की नई लो जलाती है।
मेरी ज़रा सी खरोंच पर जो कांप जाए,
वो औरत मुसीबतों से चट्टान बन टकराती है।
वह मंदिर के दीये सी पावन है,
वो आंगन में महकते सावन सी है।
दुनिया की भीड़ में जब खोने लगूं मैं,
उसकी आवाज़ मुझे किनारे पर लाती है।
**वो घर को घर बनाती है...**
उसके हाथों की लकीरों में मेरी तकदीर है,
वो मेरे कमरे की सबसे हसीन तस्वीर है।
खुदा से माँगूँ तो भला और क्या माँगूँ?
मेरी हर दुआ में तो बस माँ की ही जागीर है।
न जाने कितनी रातों को वो जागी होगी,
मेरी एक सुकून की नींद की खातिर।
आज ये कलम भी छोटी पड़ रही है,
उसकी ममता को शब्दों में पिरोने की खातिर।
**आज के लिए एक छोटा सा सुझाव:** अपनी माँ के पास बैठिए, उनके हाथ थामिए और बस इतना कह दीजिए **"आप मेरे लिए बहुत कीमती हो।"** यकीन मानिए, उनके लिए यह दुनिया के किसी भी तोहफे से बड़ा होगा।
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**मातृ दिवस की आपको और आपकी माँ को ढेर सारी शुभकामनाएँ!**
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