पालमपुर में करंट से लाइनमैन की मौत: बिजली बोर्ड के जेई पर एफआईआर दर्ज
पालमपुर (कांगड़ा) के बिंद्रावन क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है, जहाँ मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से एक 33 वर्षीय सहायक लाइनमैन, मोहन लाल, की मौके पर ही मौत हो गई। मोहन लाल रानीताल के फरना गाँव के रहने वाले थे।
कैसे हुआ हादसा?
रविवार रात आए अंधड़ के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सोमवार को मोहन लाल बिंद्रावन के फटा क्षेत्र में एक 11 केवी (KV) लाइन के ट्रांसफार्मर पर 'जंपर' जोड़ने के लिए खंभे पर चढ़े थे।
दोपहर करीब 12:10 बजे, अचानक लाइन में करंट आ गया। करंट की चपेट में आने से मोहन लाल की वहीं मृत्यु हो गई। उनके साथी सहायक लाइनमैन वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य शुरू करने से पहले नगरी सब-स्टेशन और मारंडा से विधिवत अनुमति (पर्मिशन) लेकर लाइन को 'शटडाउन' किया गया था।
परिजनों का हंगामा और पुलिस कार्रवाई
इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। उन्होंने बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जब दो मुख्य केंद्रों से स्विच कटा हुआ था, तो लाइन में करंट कहाँ से आया? यह सीधे तौर पर अधिकारियों की लापरवाही है।
FIR दर्ज: पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
आश्वासन: प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का भरोसा देने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बोर्ड की प्रतिक्रिया
बिजली बोर्ड पालमपुर के अधिशासी अभियंता, अमित पटियाल ने बताया कि विभाग ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी इस बात का पता लगाएगी कि शटडाउन होने के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया।
"हादसे के कारणों और लापरवाही के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।"
बीर बहादुर, एसपी कांगड़ा