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शीर्षक: खेड़ा फीडर पर ड्रोन से निगरानी शुरू; अब तकनीक से पकड़ी जाएंगी बिजली लाइन की खामियां खेड़ा/रामगढ़:

शीर्षक: खेड़ा फीडर पर ड्रोन से निगरानी शुरू; अब तकनीक से पकड़ी जाएंगी बिजली लाइन की खामियां
खेड़ा/रामगढ़:
क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और लाइनों में आने वाले तकनीकी फॉल्ट को जड़ से खत्म करने के लिए विद्युत विभाग ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को खेड़ा फीडर के अंतर्गत आने वाली विद्युत लाइनों का मैप ड्रोन के जरिए सर्वे किया गया।
ड्रोन सर्वे से मिलेगी सटीक जानकारी
सर्वे टीम के सदस्य महेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा फीडर की पूरी लाइन का डिजिटल मैप तैयार किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से उन ऊंचाइयों और दुर्गम स्थानों की भी बारीकी से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा रही है, जहाँ अक्सर लाइनमैन का पहुंचना मुश्किल होता है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य जर्जर तार, ढीले इंसुलेटर और लाइनों के बीच आने वाले पेड़ों की टहनियों की सटीक पहचान करना है।
फॉल्ट और ट्रिपिंग से मिलेगी राहत
अक्सर देखा जाता है कि मामूली हवा चलने या तकनीकी खराबी के कारण फीडर बार-बार ट्रिप हो जाता है, जिससे क्षेत्र की बिजली गुल हो जाती है। ड्रोन सर्वे के बाद विभाग के पास पूरे फीडर का डेटा होगा, जिससे फॉल्ट होने से पहले ही खराब उपकरणों को बदला जा सकेगा। इससे न केवल अघोषित बिजली कटौती पर लगाम लगेगी, बल्कि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
डिजिटल इंडिया की ओर कदम
विद्युत विभाग के इस कदम की ग्रामीणों ने भी सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि तकनीक के उपयोग से शिकायतों का निवारण जल्दी होगा और वोल्टेज की समस्या में भी सुधार आने की उम्मीद है। फिलहाल खेड़ा फीडर के मुख्य हिस्सों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी

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