डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) एक विचार, एक आंदोलन
डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) एक विचार, एक आंदोलन
डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) सिर्फ़ एक नाम नहीं थे, बल्कि इंसाफ़, हक़ और अवाम की आवाज़ का प्रतीक थे। उन्होंने पूरी ज़िंदगी ज़ुल्म के ख़िलाफ़, मज़लूमों के हक़ में और समाज में जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पित कर दी। जब हालात लोगों को ख़ामोश रहने पर मजबूर कर रहे थे, तब डॉ. फ़रीदी (रह.) ने सच बोलने और सच पर डटे रहने की हिम्मत दिखाई।
आज उनकी याद हमें यह सिखाती है कि सच्ची राजनीति सेवा से जन्म लेती है और असली क़यादत कुर्बानी मांगती है। अगर हम वाक़ई उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें उनके मिशनशिक्षा, एकता, सामाजिक न्याय और संविधान के दायरे में संघर्षको आगे बढ़ाना होगा।
आइए, यौम-ए-क़ायद-ए-मिल्लत पर यह संकल्प लें कि हम अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होंगे, सच का साथ देंगे और डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) के सपनों को हक़ीक़त में बदलने के लिए संगठित संघर्ष करेंगे। यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
जारीकर्ता:
सुहैब उर रहमान अबू इंक़लाब
पार्टी प्रवक्ता
पीपल्स जस्टिस पार्टी