"भ्रष्टाचार उजागर करने की सजा: यूपी पुलिस के सिपाही सुनील शुक्ला के घर आधी रात पुलिस की दबिश, वर्दी में ही सिस्टम से बगावत पड़ी महंगी"
"भ्रष्टाचार उजागर करने की सजा: यूपी पुलिस के सिपाही सुनील शुक्ला के घर आधी रात पुलिस की दबिश, वर्दी में ही सिस्टम से बगावत पड़ी महंगी"
लखनऊ। यूपी पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सिपाही सुनील शुक्ला की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि विभाग की पोल खोलने के बाद अब उन्हीं के विभाग की पुलिस आधी रात को उनके घर दबिश देने पहुंच गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला
सिपाही सुनील शुक्ला लगातार यूपी पुलिस में फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर विभाग के अंदर चल रहे कथित घोटालों और वसूली की जानकारी सार्वजनिक की थी।
आधी रात घर में घुसी पुलिस
आरोप है कि भ्रष्टाचार उजागर करने के बाद से ही सुनील शुक्ला को परेशान किया जा रहा है। ताजा मामले में बीती रात पुलिस टीम बिना पूर्व सूचना के उनके घर पहुंच गई और दबिश दी। परिजनों का आरोप है कि आधी रात को घर में घुसकर डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
"सच बोलने की मिली सजा"
सुनील शुक्ला का कहना है कि उन्होंने सिर्फ विभाग में हो रहे गलत कामों को उजागर किया है। लेकिन अब उन्हें ही टारगेट किया जा रहा है। "पुलिस के घर पुलिस की दबिश" से साफ है कि सच बोलने वालों को चुप कराने की कोशिश हो रही है।
विभाग की चुप्पी, सवाल बरकरार
इस पूरे मामले पर अभी तक यूपी पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर सिपाही के आरोप गलत हैं तो विभागीय जांच क्यों नहीं की गई? और अगर सही हैं तो कार्रवाई की जगह दबिश क्यों?
व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर व्हिसलब्लोअर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिस्टम के अंदर की गड़बड़ी उजागर करने वाले पुलिसकर्मी को ही अगर प्रताड़ित किया जाएगा तो भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन आवाज उठाएगा?
फिलहाल सिपाही सुनील शुक्ला के समर्थन में कई सामाजिक संगठन सामने आ गए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।