वोट के बाद गांव को भूल जाते हैं नेता: खराब सड़क को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
गढ़वा: मुकुंदपुर पंचायत के बक्सीपुर दक्षिणी टोला (हरैयाखाड़) में पिछले 30 वर्षों से सड़क का निर्माण न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। दलित बस्ती के लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है।
मुख्य बिंदु:
नेताओं से नाराजगी: ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद गांव की सुध लेने कोई नहीं आता।
दैनिक जीवन में मुश्किलें: पक्की सड़क न होने से बारिश में रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को होती है, जिन्हें मुख्य सड़क तक 'डोली' या खाट के सहारे ले जाना पड़ता है।
शादी-विवाह पर असर: खराब रास्ते के कारण शादियों में बेटियों की विदाई भी पैदल ही मुख्य सड़क तक ले जाकर करनी पड़ती है।
आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों ने बताया कि कई बार आवेदन देने के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
मौके पर उपस्थिति: इस दौरान वार्ड सदस्य अशोक पासवान, ददन राम, विष्णु देवराम, देवन राम, खुशी राम, परीक्षा राम, प्रभात देवी और मुखेला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।