कोंडागांव स्वास्थ्य विभाग में बड़ा घोटाला?
कोंडागांव में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि संजीवनी जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पिछले 8 सालों से बेकार पड़ी हैं, जबकि मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
सरकारी पैसे का क्या हुआ?
किसकी लापरवाही से ये हालत बनी?
क्या कमीशनखोरी ने मरीजों का हक छीन लिया?
जब संसाधन मौजूद हैं, तो जनता को सुविधा क्यों
नहीं मिल रही?
आखिर जिम्मेदार कौन है?
यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब मरीजों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।
मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष
जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जनता जवाब मांग रही है जवाब देना होगा!