अंबाला: मेयर चुनाव में भाजपा परिवारवाद का आरोप
अंबाला शहर में मेयर चुनावों के दौरान भाजपा का परिवारवाद साफ नजर आ रहा है। मेयर पद की उम्मीदवार अक्षिता सैनी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भतीजी हैं। सवाल यह उठता है कि क्या टिकट योग्यता के आधार पर दी गई है या रिश्तेदारी के आधार पर?
जिस उम्मीदवार को मंच पर खड़े होकर प्रभावी तरीके से अपनी बात तक रखना नहीं आता, उसे शहर का नेतृत्व सौंपने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, उनके पति पर विभिन्न न्यूज चैनलों में लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि क्या यही हमारे शहर की तकदीर बनने जा रही है?
जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं, लेकिन आज स्थिति उलटी नजर आती है। चुनाव जीतने के बाद जनता को ही इनके आगे झुकना पड़ता है। सड़कें बनवाना, सफाई व्यवस्था बनाए रखना और शहर का विकास करना इनकी जिम्मेदारी और कर्तव्य हैं, फिर इन्हें चुनावी वादों की तरह क्यों पेश किया जाता है?
हकीकत यह है कि विकास शहर का कम और नेताओं के निजी हितों का ज्यादा दिखाई देता है। जनता अब सवाल पूछ रही है और जवाब चाहती है।
आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है?