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नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ सामूहिक दुराचार मामले में गलत रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी...

AMBIKAPUR; नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ सामूहिक दुराचार मामले में गलत रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय का घेराव कर उन्हें कार्यवाही के लिये ज्ञापन दिया है। उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल को सीतापुर थाना अन्तर्गत ग्राम वंदना में 2 नाबालिग आदीवासी बच्चियों के साथ सामूहिक दुराचार की घटना हुई थी। प्रारंभिक स्तर पर थाना सीतापुर के द्वारा इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया था, जिसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की चिकित्सक के द्वारा यह गलत रिपोर्ट दिया गया कि बच्चियों के साथ अनाचार की घटना नहीं हुई है। जबकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुए चिकित्सा परीक्षण में इस बात की पुष्टी हुई है कि बच्चियों के साथ अनाचार की घटना हुई थी। इस घटना के बाद कांग्रेस ने 5 सदस्यीय जांच दल का गठन कर इस घटना की जांच की थी। पीडित आदिवासी बालिकाओं एवं उनके परिजनो से बातचीत में यह पुष्ट हुआ था कि वे किस भयावह अत्याचार से पिडित हुई। लेकिन मौजूदा सिस्टम उन्हें न्याय दिलाने के बजाय घटना को दबाने एवं आरोपियों को संरक्षण देने में लगा हुआ है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ ही आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने भी पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की थी, किंतु इस मामले में आज तक दोषी पुलिस अधिकारियों और डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। इस मामले की जांच सीतापुर थाने के उसी पुलिस अधिकारी के द्वारा अब भी जारी है जिसने प्रारंभ में इस मामले को दबाने का प्रयास किया था। 5 मई को अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक को सौपे गये ज्ञापन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया था कि सीतापुर थाने के पुलिस अधिकारी का यह आचरण पॉस्को एक्ट की धारा 21 की उपराधा 1 के अन्तर्गत आपराधिक है। इस मामले में कांग्रेस ने थाना सीतापुर के बजाय अन्य सक्षम महिला पुलिस अधिकारी से मामले की जांच की मांग भी की थी। लेकिन दोषी पुलिस अधिकारी और चिकित्सक के विरुद्ध कोई कार्यवाही होता न देख कांग्रेस ने आज के घेराव का निर्णय लिया।
आज के घेराव और प्रदर्शन के लिये कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कोठीघर से जिला चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के घेराव के लिये रवाना हुए। के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा कि सुशासन का कथित सिस्टम दुःशासन बन गया है और बलात्कारियों को संरक्षण दे रहा है। 24 अप्रैल की घटना के इतने दिन बीत जाने के बावाजूद दोषी पुलिस अधिकारियों और गलत रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्यवाही न होना आश्चर्य की बात है। पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि जिस प्रकार के थाना सीतापुर और उसके बाद मेडिकल करने वाले चिकित्सक ने मामले को दबाने का प्रयास किया उससे आमजन में रोष है। छोटे-छोटे बच्चियों के साथ सामूहिक अनाचार की इस घटना को दबाने का प्रयास करने वाले लोगों पर कार्यवाही की आवश्यकता है ताकि आमजन को यह महसूस हो कि प्रशासन उनके लिये काम करता है न कि अपराधियों को संरक्षण देता है। उन्होंने कहा कि दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं होने पर कांग्रेस और भी बडा आन्दोलन खडा करेगी। सीएमएचओ के इस लिखित आश्वासन के बाद कि अगामी 3 दिनो में संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी, कांग्रेस ने इस चेतावनी के साथ घेराव और प्रदर्शन वापस लिया है कि कार्यवाही नहीं होने पर फिर से आन्दोलन होगा। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिला एवं ब्लॉक कार्यकारणी के पदाधिकारी एवं सदस्य, ब्लॉक अध्यक्ष, मोर्चा संगठन के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, बूथ और वार्ड कमेटी के पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

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