वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जैसा दर्जा देने की तैयारी, केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला:-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जन गण मन के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को देश की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभावना और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इसके लिए राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव लाया जाएगा। इस संशोधन के बाद वंदे मातरम् को भी वही कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो वर्तमान में राष्ट्रगान को प्राप्त है। अर्थात राष्ट्रीय गीत के अपमान, विकृति या अनादर की स्थिति में कड़ी कानूनी कार्रवाई और दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं। वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय जागरण का शक्तिशाली प्रतीक बना। स्वतंत्रता सेनानियों के लिए यह गीत मातृभूमि के प्रति समर्पण, साहस और बलिदान की प्रेरणा का स्रोत रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से इस निर्णय को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक, भावनात्मक और संवैधानिक प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत होगी।इतिहासकारों और सांस्कृतिक जानकारों का कहना है कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय आत्मा, स्वतंत्रता संघर्ष और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। केंद्र सरकार का यह कदम आने वाले समय में राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव को और मजबूत कर सकता है।