असम पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिवसागर जिले में एक बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया:-
असम पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य में उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिवसागर जिले में एक बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है।
पुलिस ने बुधवार तड़के डिमोव क्षेत्र के पालेंगी इलाके में चलाए गए विशेष काउंटर-इंसर्जेंसी अभियान के दौरान (इंडिपेंडेंट) के एक कथित सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए गए हैं।गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिरेन चेतिया उर्फ रोंटू असोम (34) के रूप में हुई है। वह मोरान थाना क्षेत्र के बेजपाथार इलाके का निवासी बताया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था और उसके उग्रवादी संगठन () से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ उग्रवादी तत्व डिमोव और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हैं तथा किसी बड़ी गतिविधि की योजना बना सकते हैं। सूचना के आधार पर सिवसागर पुलिस, विशेष शाखा तथा अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने तड़के पालेंगी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के दौरान संदिग्ध को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी अभियान में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सात हैंड ग्रेनेड, एक बॉटल ग्रेनेड, एक 9 एमएम बेरेटा पिस्टल, 10 राउंड जिंदा कारतूस, 13,500 नकद राशि, कई मोबाइल फोन तथा कई आपत्तिजनक और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए। बरामद हथियारों और विस्फोटकों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीर मान रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि आरोपी के संपर्कों, संगठनात्मक नेटवर्क और संभावित योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था या नहीं तथा क्या उसके अन्य सहयोगी अभी भी सक्रिय हैं।सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि बरामद ग्रेनेड और हथियारों का इस्तेमाल किसी उग्रवादी गतिविधि या हमले में किया जा सकता था। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से ऊपरी असम के कई जिलों में सुरक्षा बलों ने उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की उग्रवादी गतिविधि को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।