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'सैनाणी' ई-पत्रिका के द्वितीय अंक का लोकार्पण: काव्य रस में डूबा टाकरवाड़ा

टाकरवाड़ा | 5 मई, 2026
टाकरवाड़ा स्थित श्री चौथ माता मंदिर, महादेवझरी के प्रांगण में 'सैनाणी' राजस्थानी ई-पत्रिका के द्वितीय अंक का भव्य लोकार्पण एवं काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। मायड़ भाषा साहित्य, संस्कृति मंच टाकरवाड़ा एवं हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य संस्कृति समिति रोटेदा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत कैलाश नाथ योगी ने की।
मायड़ भाषा का संरक्षण महत्वपूर्ण: देवकी दर्पण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पत्रिका के प्रधान संपादक श्री देवकी दर्पण ने पत्रिका का विमोचन करते हुए कहा कि साहित्यिक पत्रिका का संपादन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, विशेषकर जब उद्देश्य मायड़ भाषा और संस्कृति का संरक्षण हो। विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यकार श्री परमानंद गोस्वामी एवं श्री मुकुट बिहारी मालव उपस्थित रहे। संपादक द्वय श्री देवकी दर्पण एवं श्री लोकेश 'आजाद' ने पत्रिका के स्वरूप और आगामी लक्ष्यों पर प्रकाश डाला।
काव्यगोष्ठी में झलकी हाड़ौती और राजस्थानी संस्कृति
लोकार्पण के पश्चात आयोजित काव्यगोष्ठी में अंचल के दिग्गज कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया:
हास्य-व्यंग्य: सत्यप्रकाश गौतम ने 'गाडी के नीचे भाटो' और 'लाडी खावै दनभर म्हारा कान जी' से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। वहीं रामकिशन सुमन ने 'म्हारा लसणलाल की चरचा' सुनाकर तीखे कटाक्ष किए।
गीत और श्रृंगार: परमानंद गोस्वामी ने श्रृंगार गीत 'ढोला सूनो पड़्यो जी सिणगार' से वाहवाही लूटी। मुकुट बिहारी मीणा ने 'पावणा आया देखबा नै..' के माध्यम से भावपूर्ण वातावरण सृजित किया।
मायड़ माटी की महक: वरिष्ठ कवि महावीर प्रसाद मालव 'मार्मिक' ने 'माटीड़ो सूरज' और विरह के दोहे सस्वर सुनाए। रामस्वरूप रावत ने 'मायड़ म्हारी कतनी प्यारी' गीत से अपनी मातृभाषा के प्रति प्रेम प्रकट किया।
भक्ति और सामाजिक चेतना: लोकेश 'आजाद' ने शिव स्तुति प्रस्तुत की, तो संत कवि रामदेव मेघ ने युवाओं में बढ़ते गुटखे के व्यसन पर प्रहार किया। श्री देवकी दर्पण ने 'भऱां परिंडो पाणी को' के माध्यम से जीव-दया का संदेश दिया।
आशीर्वचन एवं आभार
महंत कैलाशनाथ योगी ने पात्रता एवं वस्तु स्वरूप पर अपने विचार रखते हुए सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में साहित्यकार सीएल सांखला ने मां और संध्या के सूर्य पर कविताएं पढ़ते हुए सबका आभार व्यक्त किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष शिवराज गोचर ने सभी रचनाकारों की सराहना की। कार्यक्रम का सफल संचालन कवि लोकेश 'आजाद' द्वारा किया गया।

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