व्यापारी भाइयों पर बढ़ता बोझ, नशीले पदार्थों की प्रवृत्ति और फिजूलखर्ची बनी सामाजिक चिंतासियाणा (रामसिंह महेचा)। क्षेत्र में इन दिनों शादी-विवाह के सी
व्यापारी भाइयों पर बढ़ता बोझ, नशीले पदार्थों की प्रवृत्ति और फिजूलखर्ची बनी सामाजिक चिंता
सियाणा (रामसिंह महेचा)। क्षेत्र में इन दिनों शादी-विवाह के सीजन के चलते बाजारों में भारी भीड़ और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। बढ़ती खरीदारी के कारण व्यापारियों को दिन-रात मेहनत करनी पड़ रही है। एक ओर व्यापारियों पर महंगाई, टैक्स और बढ़ते खर्चों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर युवाओं में नशीले पदार्थों की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान समय में छोटे व्यापारियों की स्थिति सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। बड़े थोक विक्रेताओं द्वारा कई वस्तुएं ऊंचे दामों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे छोटे दुकानदारों को मजबूरी में अधिक कीमत देकर माल खरीदना पड़ता है। ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए उन्हें महंगे दामों पर सामान लेना पड़ता है और बाद में उसी हिसाब से बिक्री करनी पड़ती है। व्यापारियों का कहना है कि कई बार बाजार में कुछ उत्पाद एमआरपी से अधिक कीमत पर बिकते नजर आते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ जाता है।
व्यापारियों ने सवाल उठाया कि बाजार व्यवस्था में वस्तुओं की खरीद-बिक्री के लिए स्पष्ट नियम और नियंत्रण की आवश्यकता है, ताकि छोटे दुकानदारों को अनावश्यक आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि यदि बाजार में उचित नियंत्रण और पारदर्शिता हो तो आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारी दोनों को राहत मिल सकती है।
इधर सामाजिक स्तर पर भी फिजूलखर्ची लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में अत्यधिक खर्च, दिखावा और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा के कारण मध्यम एवं छोटे परिवार आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि खर्च कम होने के बजाय दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे समाज में आर्थिक असंतुलन की स्थिति पैदा हो रही है।
इसके अलावा युवाओं में गुटखा, तंबाकू, बीड़ी एवं अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते उपयोग ने भी चिंता बढ़ा दी है। सामाजिक आयोजनों एवं समारोहों में इन पदार्थों का खुलेआम उपयोग देखने को मिल रहा है, जिसका नकारात्मक प्रभाव नई पीढ़ी पर पड़ रहा है।
समाज के प्रबुद्ध नागरिकों एवं व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। साथ ही सरकार से भी मांग की गई है कि महंगाई और बाजार की अनियमितताओं को देखते हुए आवश्यक नियम लागू किए जाएं, ताकि छोटे व्यापारियों और आम जनता को राहत मिल सके।
व्यापारियों एवं समाज के लोगों ने अपील की है कि विवाह एवं सामाजिक कार्यक्रमों को सादगी, संस्कार और अनुशासन के साथ मनाया जाए, ताकि समाज में स्वस्थ वातावरण बना रहे और युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा मिल सके।
सियाणा की आवाज़ रिपोर्टर रामसिंह महेचा सियाणा पत्रकार, Contact: 9869584777