पहाड़ी क्षेत्रों के शिक्षकों को जनगणना कार्य में राहत, मोरनी-कालका में जनगणना कार्य को लेकर नई व्यवस्था
स्कूल समय में जनगणना ड्यूटी की अनुमति
पहाड़ी इलाकों की कठिन भौगोलिक बनावट और सीमित पहुँच को देखते हुए लिया गया निर्णय - उप जिला जनगणना अधिकारी
पंचकूला, 6 मई: मोरनी और कालका के पहाड़ी इलाकों की कठिन भौगोलिक बनावट और सीमित पहुँच को देखते हुए, इन क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को स्कूल समय के दौरान जनगणना कार्य करने की छूट दी गई है। इस कदम का उद्देश्य है कि सौंपा गया कार्य उनकी सुरक्षा और भलाई से समझौता किए बिना कुशलता से पूरा हो सके।
उप जिला जनगणना अधिकारी-सह-जिला सांख्यिकी अधिकारी, सुनील जाखड़ ने बताया कि इस निर्णय से न केवल जनगणना कार्य समय पर पूरा होगा, बल्कि शिक्षकों को संवेदनशील क्षेत्रों में देर शाम फील्ड विजिट से जुड़े संभावित खतरों से भी बचाया जा सकेगा। मोरनी और कालका के पहाड़ी इलाकों में शिक्षकों को वर्तमान जनगणना कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित पहुँच के कारण शिक्षकों के लिए स्कूल समय के बाद जनगणना कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। साथ ही, शाम के समय जंगली जानवरों की आवाजाही और हमलों की घटनाओं को लेकर भी गंभीर सुरक्षा चिंताएँ सामने आई हैं, जो फील्ड ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए जोखिम पैदा करती हैं।
जाखड़ ने यह भी बताया कि इसके आलावा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी ग्राम सचिवों और सरपंचों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि वे अपने-अपने गांवों में जनगणना कर्मियों को पूरा सहयोग प्रदान करें। उनकी मदद से कार्य की सटीकता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ क्षेत्रों, विशेषकर कालका और मोरनी के पहाड़ी इलाकों में, जनगणना कर्मियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों की सीमाओं को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे जनगणना कार्यों के सुचारू संचालन में देरी और चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं।