Breking news गर्ल हॉस्टल में छात्रा के साथ बदसलूकी
रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे थे। प्रिया, बीए थर्ड ईयर की छात्रा, अपनी रूम की खिड़की से बाहर झाँक रही थी। लड़कियों का हॉस्टल पूरी तरह शांत था। गार्ड की चौकी पर सिर्फ़ एक पुराना बल्ब जल रहा था, जो कभी-कभी झपक जाता था। बाहर हल्की ठंडी हवा चल रही थी। प्रिया ने अपना मोबाइल चार्ज पर लगाया और बिस्तर पर लेट गई। उसका रूम नंबर २१७ था, दूसरी मंजिल पर, कोने वाली साइड।
अचानक उसे लगा जैसे किसी ने बाहर बालकनी की तरफ़ से आवाज़ की हो। पहले तो उसने इग्नोर कर दिया, सोचा कोई लड़की लेट नाइट स्टडी से लौट रही होगी। लेकिन कुछ देर बाद फिर खटखटाहट हुई। इस बार ज़्यादा साफ़। प्रिया उठी और दरवाज़े के पास गई। उसने पूछा, कौन है?
बाहर से एक लड़के की आवाज़ आई, दीदी, पानी का बोतल भरवाने आया हूँ। नीचे पानी खत्म हो गया है।
प्रिया ने चौंक कर दरवाज़ा नहीं खोला। हॉस्टल के नियम साफ़ थेरात दस बजे के बाद कोई लड़का अंदर नहीं आ सकता। उसने कहा, अभी तो गार्ड है, उससे बोलो। मैं नहीं दे सकती।
लेकिन आवाज़ ने जिद की, दीदी बस एक बोतल। प्लीज। बहुत प्यास लगी है।
प्रिया ने सोचा शायद कोई नया वॉर्डन का भतीजा या कोई स्टाफ़ का लड़का होगा। उसने चेन लगाकर दरवाज़ा थोड़ा खोला। बाहर अंधेरा था। तभी एक हाथ तेज़ी से अंदर आया और चेन पकड़ ली। प्रिया घबरा गई। उसने दरवाज़ा बंद करने की कोशिश की, लेकिन दूसरे हाथ ने ज़ोर से धक्का दिया।
एक लड़का, काला मास्क लगाए, अंदर घुस आया। उसके पीछे दूसरा लड़का भी था। दोनों की उम्र करीब २२-२३ साल रही होगी। एक की ऊँचाई ज़्यादा थी, दूसरे के हाथ में चाकू जैसा कुछ चमक रहा था।
चुप रहना, एक आवाज़ निकाली तो बड़े वाले ने प्रिया के मुँह पर हाथ रख दिया।
प्रिया की साँस रुक गई। उसका शरीर काँपने लगा। वह पीछे हटने लगी लेकिन दीवार आ गई। छोटे वाले ने तेज़ी से रूम का लॉक बंद कर दिया और पर्दे खींच दिए।
तुम लोग कौन हो? क्या चाहते हो? प्रिया की आवाज़ काँप रही थी।
बस थोड़ी देर मज़ा करना है। तू चुपचाप बैठ जा, बड़े वाले ने कहा और उसे बिस्तर की तरफ़ धकेल दिया।
प्रिया ने विरोध किया। उसने चीखने की कोशिश की लेकिन बड़े वाले ने तकिए से उसका मुँह दबा दिया। छोटे वाले ने उसकी दोनों हाथ पकड़ लिए। उन्होंने उसके मोबाइल को उठाकर स्विच ऑफ़ कर दिया। रूम में सिर्फ़ स्टडी लैंप जल रहा था, जिसकी हल्की पीली रोशनी में दोनों के चेहरे और भी डरावने लग रहे थे।
उन्होंने प्रिया के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। पहले तो सिर्फ़ छेड़छाड़, फिर ज़ोर-ज़बरदस्ती। प्रिया रो रही थी, लेकिन उनकी पकड़ बहुत मज़बूत थी। वे बार-बार धमकी दे रहे थे कि अगर किसी को बताया तो हॉस्टल के बाहर भी नहीं छोड़ेंगे। एक ने उसके बाल खींचे, दूसरे ने उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। पूरा घटनाक्रम लगभग २५-३० मिनट चला।
जब वे संतुष्ट हो गए, तो बड़े वाले ने प्रिया के कान में फुसफुसाया, आज रात किसी को कुछ मत बताना। कल सुबह हम फिर आ सकते हैं। समझ गई?
वे दरवाज़ा खोलकर चुपचाप निकल गए। प्रिया दरवाज़े पर लॉक लगाने की हिम्मत भी नहीं कर पाई। वह फर्श पर बैठ गई और फूट-फूट कर रोने लगी। उसका पूरा शरीर दर्द कर रहा था। आत्मसम्मान टूट चुका था।
अगली सुबह प्रिया क्लास नहीं गई। उसकी रूममेट ने जब पूछा तो वह कुछ नहीं बोली। सिर्फ़ कहा, सिर दर्द है। लेकिन उसकी आँखें सूजी हुई थीं। दोपहर में वॉर्डन के ऑफ़िस में जाकर उसने पूरा मामला बताया। वॉर्डन पहले तो चौंक गई, फिर डर गई। पुलिस को मत बताना, हॉस्टल की बदनामी हो जाएगी, उन्होंने कहा।
लेकिन प्रिया ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपने भाई को फोन किया। भाई तुरंत हॉस्टल पहुँचा। पुलिस में रिपोर्ट लिखाई गई। CCTV फुटेज चेक हुई तो पता चला कि दोनों लड़के हॉस्टल के पास वाले लड़कों के हॉस्टल के ही थेएक इंजीनियरिंग का, दूसरा बीबीए का। वे पहले भी कुछ लड़कियों को परेशान कर चुके थे, लेकिन किसी ने रिपोर्ट नहीं की थी।
इस घटना के बाद हॉस्टल में सुरक्षा बढ़ाई गई। गार्ड की संख्या दोगुनी कर दी गई, CCTV कैमरे लगाए गए। लेकिन प्रिया के ज़ख़्म कभी पूरी तरह नहीं भरे। वह आज भी रात को अकेले रहते हुए डर जाती है।
यह घटना सिर्फ़ एक कहानी नहीं, बल्कि कई लड़कियों की हकीकत है। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। माता-पिता अपनी बेटियों को पढ़ने भेजते हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व उनकी ज़िंदगी बर्बाद करने पर तुले रहते हैं
#hindi #hindistory #goodindia #highlight #newsindia #viralpost #PostViral #postres