मऊगंज एसपी दिलीप सोनी जी का तबादला
मऊगंज में जब हालात संवेदनशील थे और गड़रा कांड की आग सुलग रही थी। गड़रा गांव लाशें उगल रहा था, उसी दौर में पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने जिम्मेदारी संभाली। सत्ताधारी विधायक तक धरने पर थे और विपक्ष आक्रामक था। मऊगंज बाईपास भूमि विवाद और ढाबा गौतमान जैसे मामलों ने हर बार कानून-व्यवस्था को चुनौती दी। सीमित पुलिस बल के बावजूद उन्होंने धैर्य, सूझबूझ और निष्पक्षता से हालात काबू में रखे।
गलत के आगे कभी नहीं झुके, चाहे दबाव कितना भी हो। उनके नेतृत्व में पुलिस ने केवल ड्यूटी नहीं, भरोसा भी निभाया। स्थानांतरण के समय अधिकारियों-कर्मचारियों की नम आंखें उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी गवाही बनीं। ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशील पुलिसिंग की यह मिसाल मऊगंज लंबे समय तक याद रखेगा।नम आंखों के साथ पुलिस अधिकारी कर्मचारियों ने उन्हें विदाई दी और अब वह आगर मालवा के लिए रवाना हो गए।