बरनाला में कांग्रेस विधायक काला ढिल्लों की भूख हड़ताल, नेताओं पर दर्ज मामले रद्द करने की रखी मांग
पंजाब के बरनाला जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने 6 मई को जिला मुख्यालय के सामने अपने समर्थकों के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को रद्द कराना है। ढिल्लों ने साफ कहा कि जब तक एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने बताया कि 14 मार्च को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बरनाला के कचहरी चौक में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना दिया था। यह प्रदर्शन महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए देने के वादे को पूरा न करने के विरोध में आयोजित किया गया था। इस धरने के बाद थाना सिटी-2 पुलिस ने 20 वरिष्ठ नेताओं को नामजद किया और 15 से 20 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
एफआईआर दर्ज होने पर बढ़ा विवाद
धरने के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस नेताओं में नाराजगी बढ़ गई। ढिल्लों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया। उन्होंने कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने आरोप लगाया कि बरनाला पुलिस ने यह कार्रवाई स्थानीय सत्ताधारी नेताओं के दबाव में की है। उनके मुताबिक यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही एसएसपी को मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें एफआईआर रद्द करने की अपील की गई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पुलिस और प्रशासन पर सवाल
ढिल्लों ने कहा कि पुलिस का काम निष्पक्ष रहना है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं दिख रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेताओं के इशारों पर कार्रवाई की जा रही है। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं और जनता का भरोसा भी कमजोर होता है।
विधायक ढिल्लों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द नहीं की जाती, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। जिन नेताओं पर मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें वरुण बत्ता, नरेंद्र शर्मा, मक्खन शर्मा और महेश कुमार लोटा समेत कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं।