न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव: सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 37 जज, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी
नई दिल्ली | (आइमा मीडिया न्यूज़)
देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 'सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026' को संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी गई है।
मुख्य बातें:
संख्या में वृद्धि: सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) 33 से बढ़ाकर 37 की जाएगी।
कानून में संशोधन: इसके लिए 'सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956' में बदलाव किया जाएगा।
उद्देश्य: जजों की संख्या बढ़ने से कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम जनता को त्वरित न्याय (Speedy Justice) मिल सकेगा।
क्यों पड़ी जरूरत?
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट पर मुकदमों का भारी दबाव है। जजों की संख्या में इस 4 अंकों की बढ़ोतरी से संवैधानिक पीठों और नियमित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। इस संशोधन के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल न्यायाधीशों की संख्या अब 38 हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वेतन और अन्य सुविधाओं पर होने वाला खर्च भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से वहन किया जाएगा। यह विधेयक जल्द ही आगामी संसद सत्र में चर्चा और पारित होने के लिए रखा जाएगा।
रिपोर्ट: विकास कुमार
संवाददाता, आइमा मीडिया न्यूज़