झाल मुढी का करिश्माई जादू।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा झाल मूड़ी खाते हुए दिखाई देने का दृश्य लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना। इसका प्रभाव इतना व्यापक हुआ कि बंगाल ही नहीं, बल्कि झारखंड के बोकारो जैसे क्षेत्रों में भी चौक-चौराहों पर झाल मूड़ी की बिक्री बढ़ती नजर आई। खासकर बुजुर्गों के बीच इसे लेकर अलग उत्साह देखा गया। लोग चाय के साथ झाल मूड़ी का आनंद लेते हुए राजनीतिक चर्चाएं करते दिखाई दिए। इससे यह भी साबित होता है कि नेताओं की जीवनशैली और सामान्य खान-पान का प्रभाव आम जनता पर तेजी से पड़ता है। झाल मूड़ी अब केवल एक नाश्ता नहीं, बल्कि जनचर्चा और सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक बन गया है।