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आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे (जिसे आगरा-बरेली ग्रीन कॉरिडोर भी कहा जाता है) उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने जा रहा है।

आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे (जिसे आगरा-बरेली ग्रीन कॉरिडोर भी कहा जाता है) उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने जा रहा है।
228 किलोमीटर लंबे इस चार-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जा रहा है, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 7,700 करोड़ है।
इस परियोजना से जुड़ी मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
निर्माण की वर्तमान स्थिति और लक्ष्य- इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चार चरणों (पैकेज) में विभाजित है:
प्रथम चरण (मथुरा से हाथरस): 66 किमी का यह हिस्सा लगभग तैयार हो चुका है और इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है।
द्वितीय चरण (हाथरस से कासगंज): 57 किमी के इस हिस्से का लगभग 62% काम पूरा हो चुका है।
तृतीय चरण (कासगंज से बदायूं): 46 किमी के इस भाग पर काम 28% तक पहुँच गया है।
चतुर्थ चरण (बदायूं से बरेली): इस अंतिम हिस्से में निर्माण की गति तेज की गई है और अभी तक 16% काम पूरा हुआ है।

NHAI के अधिकारियों के अनुसार, शेष कार्य अगले 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे दिसंबर 2027 तक इसके पूरी तरह संचालित होने की उम्मीद है।
यात्रा समय और कनेक्टिविटी में सुधार समय की बचत: वर्तमान में आगरा से बरेली जाने के लिए टूंडला, एटा और कासगंज जैसे शहरों की भीड़भाड़ से गुजरना पड़ता है, जिसमें 5-6 घंटे का समय लगता है।
एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर घटकर 2 से 2.5 घंटे रह जाएगा।लाभान्वित जिले: यह एक्सप्रेसवे आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली सहित उत्तर प्रदेश के लगभग 15 जिलों के लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुँचाएगा।मुख्य ढांचागत सुविधाएं: यात्रा को सुगम बनाने के लिए पूरे मार्ग पर 20 फ्लाईओवर, 26 अंडरपास, 6 रेल ओवरब्रिज और 5 बड़े पुल बनाए जा रहे हैं।आर्थिक और पर्यटन प्रभावयह कॉरिडोर न केवल समय और ईंधन की बचत करेगा, बल्कि आगरा (ताजमहल) और मथुरा (वृंदावन) जैसे पर्यटन केंद्रों को बरेली के माध्यम से उत्तराखंड के नैनीताल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों से भी बेहतर तरीके से जोड़ेगा।
इसके अतिरिक्त, यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे और मुरादाबाद-फर्रुखाबाद राजमार्ग से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के बीच रसद (logistics) और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

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