समाजसेवी & सटोरिया को रायगढ़ पुलिस की खुली छूट FIR मे नाम दर्ज होने के बाद भी नहीं हो रही गिरफ्तारी रायगढ़ मे सामजिक कार्यकर्ता होने का मुखौटा लगाने वा
समाजसेवी & सटोरिया को रायगढ़ पुलिस की खुली छूट FIR मे नाम दर्ज होने के बाद भी नहीं हो रही गिरफ्तारी
रायगढ़ मे सामजिक कार्यकर्ता होने का मुखौटा लगाने वाले और पुलिस और मंत्री जी का खास बताने वाला का चल रहा हैं क्रिकेट सत्ता का जोरदार खेल पूर्व में कई बड़े बड़े आरोप में लिप्त था सटोरिया. कभी नाबालिक बचे को जिम से अगवा कर पिटाई, तो कभी कोतरा रोड इलाके में आगजनी, या गैलेक्सी मॉल में मारपीट और मित्तल के फांसी का आरोपी था रायगढ़ में अपने गैंग में कई निगरानीशुदा बदमाशो का लीडर बन के चला रहा है क्रिकेट सट्टा का साम्राज्य ,क्रिकेट सट्टा केस में जिसका भी नाम आया उसे जेल जाना पड़ा एकमात्र नाम करन चौधरी जो सट्टा के मामले मे FIR होने के बाद भी आराम से कानून की गिरफ्त से बाहर मौजमस्ती कर रहा
3 साल पहले जिसके खिलाफ शहर के कुछ सामाजिक संगठन हड़ताल तक कर चुके अब वो ही इसका बचाव करते दिख रहे यह कैसा व्हाइट कॉलर है जो सारे प्रकार के अपराधों में लिप्त फिर भी बेगुनाह.
मानना पड़ेगा कुछ तो बात है गाँधी जी में. अगर बात करें ताजा मामला का तो घरघोड़ा और रायगढ़ में सट्टा के कार्यवाही में छह लोगों की गिरफ्तार की गई है जिसमें सातवां नाम करण चौधरी का है उसके बाद भी रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उस सामाजिक कार्यकर्ता को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है.. रायगढ़ पुलिस का नाम देश नहीं प्रदेश नहीं पुरे देश में कार्यवाही के नाम पर जाना जाता रहा है और इस तरह के सटोरियों को खुलेआम छूट देना रायगढ़ पुलिस की कहीं ना कहीं छवि को खराब कर रहा है. ऐसे लोगों को रायगढ़ पुलिस तत्काल गिरफ्तार करके रायगढ़ में चल रहे जीरो टॉलरेट नीति को आगे बढ़ाये ताकि रायगढ़ में सट्टा मुक्त करने की अभियान को तेजी मिल सके..