फर्जी सरकारी आदेश से ठगी का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार
फर्जी सरकारी आदेश से ठगी का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार
रायपुर/डोंगरगढ़: सोशल मीडिया पर वायरल हुए फर्जी सरकारी आदेश के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल रहे थे।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
पूरा मामला 24 अप्रैल को सामने आया, जब सामान्य प्रशासन विभाग ने राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई। विभाग को जानकारी मिली थी कि 5 मार्च की तारीख वाला एक फर्जी आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस आदेश में परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत और शिक्षा विभाग में नियुक्तियों की सिफारिश की गई थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोगों से पैसे वसूले जा रहे थे।
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पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रायपुर ग्रामीण के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। डिजिटल फुटप्रिंट्स और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के बाद पुलिस को ठगी के तार डोंगरगढ़ (राजनांदगांव) से जुड़े मिले।
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कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश
मुख्य आरोपी राजेश शर्मा (सरकारी शिक्षक) ने पूछताछ में बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव (निजी स्कूल क्लर्क) के साथ मिलकर यह योजना बनाई। दोनों ने कंप्यूटर पर सरकारी आदेश जैसा दिखने वाला फर्जी दस्तावेज तैयार किया और उस पर सचिव के नकली डिजिटल साइन लगा दिए।
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आरोपी और जब्त सामग्री
गिरफ्तार आरोपी:
राजेश शर्मा उर्फ राजू (53 वर्ष) निवासी खुटापारा, डोंगरगढ़
मनोज कुमार श्रीवास्तव (52 वर्ष) निवासी कुम्हारपारा, डोंगरगढ़
जब्त सामान:
कंप्यूटर सेट (मॉनिटर, CPU, कीबोर्ड, माउस)
प्रिंटर
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कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और IT एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये ठगे थे, जिसे बाद में शिकायत के डर से वापस कर दिया गया।
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निष्कर्ष: यह मामला दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले सरकारी दस्तावेजों की सत्यता जांचना बेहद जरूरी है, वरना लोग आसानी से ठगी का शिकार हो सकते हैं।