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बर्तन मांजने वाली महिला बनी विधायक

लोकतंत्र की ताकत का एक अनोखा उदाहरण पश्चिम बंगाल से सामने आया है। ऑसग्राम विधानसभा क्षेत्र से आई यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी जरूर लगती है, लेकिन है पूरी तरह सच। कलिता माजी, जो कल तक घरों में बर्तन मांजने और साफ-सफाई का काम करती थीं, आज जनता ने उन्हें विधायक बनाकर अपनी आवाज बना दिया है।

करीब दो दशकों तक उन्होंने घरेलू कामगार के रूप में 3-4 घरों में काम किया। महीने की करीब 2,500 रुपये की मामूली आमदनी से परिवार चलाया, लेकिन संघर्ष और सादगी ने उन्हें लोगों के दिलों तक पहुंचा दिया। यही वजह रही कि भारतीय जनता पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और टिकट दिया।

चुनाव में कलिता माजी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लाहौर को 12,535 वोटों के बड़े अंतर से हराया। उन्हें कुल 1,07,692 वोट मिले। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने घर-घर जाकर पैदल प्रचार किया और जनता का विश्वास जीत लिया। उनकी जीत पर पीसी मोहन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक साधारण नागरिक की असाधारण यात्रा बताया।

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