भाईचारे की मिसाल: भिवंडी में NEET परीक्षार्थियों के अभिभावकों के लिए मस्जिद के दरवाज़े खुले
भिवंडी से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है, जहां NEET परीक्षा देने आए छात्रों के साथ पहुंचे अभिभावकों को ठहरने और आराम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़, तेज़ गर्मी और लंबे इंतज़ार के कारण कई लोग परेशान नजर आ रहे थे।
ऐसे हालात में इलाके की एक मस्जिद कमेटी ने इंसानियत का परिचय देते हुए अपने दरवाज़े सभी अभिभावकों के लिए खोल दिए। मस्जिद परिसर में बैठने, आराम करने और पानी की व्यवस्था की गई, ताकि बाहर इंतज़ार कर रहे लोगों को राहत मिल सके। कुछ जगहों पर चाय और हल्के नाश्ते की भी व्यवस्था की गई, जिससे दूर-दराज़ से आए लोगों को सहूलियत हुई।
इस पहल का सबसे खास पहलू यह रहा कि यहां किसी धर्म या समुदाय का भेदभाव नहीं किया गया। जो भी ज़रूरतमंद था, उसे खुले दिल से जगह और मदद दी गई। अभिभावकों ने भी इस कदम की जमकर तारीफ की और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में एकता और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब मस्जिद ने इस तरह का कदम उठाया हो। इससे पहले भी जरूरत के समय लोगों की मदद के लिए ऐसे प्रयास किए जाते रहे हैं।
भिवंडी की यह घटना बताती है कि मुश्किल समय में इंसानियत और भाईचारा ही सबसे बड़ी ताकत होती है। ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और लोगों को एक-दूसरे की मदद के लिए प्रेरित करते हैं।