कविता: मां
माँ तेरे आँचल की छाया,
लगती जैसे ठंडी माया।
तेरी ममता की हर बात,
भर देती जीवन में सौगात।
जब भी दुनिया ने ठुकराया,
तूने ही सीने से लगाया।
तेरे चेहरे की मुस्कान,
बन जाती मेरी पहचान।
तेरी दुआओं का असर है,
हर मुश्किल अब बेअसर है।
तेरे बिना सूना संसार,
तू ही जीवन का आधार।
रातों को खुद जाग-जाग कर,
मुझको सुलाया प्यार देकर।
अपने दुख सब छुपा लिया,
मेरे लिए सब कुछ सह लिया।
माँ तू मंदिर, माँ ही पूजा,
तेरे जैसा कोई न दूजा।
तेरे कदमों में है जन्नत,
तुझसे ही रोशन है किस्मत।
ईश्वर से बस यही फरियाद,
हर माँ रहे सदा आबाद।
जिस घर में माँ का प्यार मिले,
वो घर स्वर्ग समान खिले।