मध्यप्रदेश ने 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया
मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मिशन मोड में लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष किसानों को उनका वैभव लौटाने का संकल्प लिया गया है। योजना का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना, कृषि लागत कम करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है। इसके लिए 16 विभाग समन्वय कर काम कर रहे हैं। हाल ही में बड़वानी में कृषि कैबिनेट ने 27,746 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है।
सरकार की योजना में फसल उत्पादन के साथ दूध, फल, सब्जी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देना शामिल है, जिससे किसानों को विविध आय स्रोत मिलेंगे। जैविक खेती, मिट्टी परीक्षण, तकनीक और विपणन में सुधार पर जोर दिया जाएगा। सिंचाई क्षेत्र को वर्तमान 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना के तहत कृषि विभाग 3,502 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चलाएगा, जबकि पशुपालन विभाग 9,508 करोड़ रुपये की योजनाओं से दूध संकलन में वृद्धि करेगा। इसके अतिरिक्त, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, खाद्य आपूर्ति, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित अन्य विभाग भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों का समर्थन करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य की लगभग 60 प्रतिशत आबादी इन विभागों के अंतर्गत आती है। वे स्थानीय विधायक किसानों के लिए क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित करेंगे, जिसके लिए प्रति विधानसभा क्षेत्र 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि समृद्ध किसान भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।