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RTI व्यवस्था को सरल व प्रभावी बनाने हेतु धारा 6(3) के दुरुपयोग पर रोक, और धारा 5(4) के अनिवार्य उपयोग की मांग*

*RTI व्यवस्था को सरल व प्रभावी बनाने हेतु धारा 6(3) के दुरुपयोग पर रोक, और धारा 5(4) के अनिवार्य उपयोग की मांग*

*सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने DOPT को भेजी शिकायत**

*गिरिडीह (झारखंड) के सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल द्वारा कार्मिक, लोक* *शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत Department of Personnel and Training (DoPT) को एक महत्वपूर्ण* *जन-शिकायत प्रस्तुत की गई है, जिसमें सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ठोस सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई है।*

*प्रस्तुत शिकायत में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया है कि वर्तमान में अनेक लोक प्राधिकरण सूचना आवेदन प्राप्त होने पर बिना समुचित परीक्षण के उसे धारा 6(3) के अंतर्गत विभिन्न जन सूचना पदाधिकारियों को स्थानांतरित कर देते हैं। इस प्रवृत्ति के कारण आवेदकों को समय पर सूचना प्राप्त नहीं हो पाती है तथा उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के विरुद्ध कई प्रथम अपीलें दायर करने के लिए विवश होना पड़ता है, जिससे पूरी प्रक्रिया जटिल, समयसाध्य एवं आर्थिक रूप से बोझिल बन जाती है।*

*शिकायत में यह स्पष्ट किया गया है कि RTI Act की धारा 5(4) के अनुसार, संबंधित जन सूचना पदाधिकारी (PIO) को यह अधिकार एवं दायित्व है कि वह अन्य अधिकारियों से सहायता लेकर सूचना का समेकन कर एकीकृत रूप में आवेदक को उपलब्ध कराए। इसके बावजूद धारा 6(3) का अनावश्यक एवं अत्यधिक उपयोग अधिनियम की मूल भावना—“सरल, सुलभ एवं प्रभावी सूचना उपलब्धता”—के विपरीत है।*

*खंडेलवाल ने मांग की है कि जनहित में एक स्पष्ट एवं बाध्यकारी Office* *Memorandum (OM) जारी किया जाए, जिसमें निम्नलिखित निर्देश सुनिश्चित किए जाएं*

*धारा 6(3) का प्रयोग केवल अपवादस्वरूप परिस्थितियों में ही किया जाए।*

*जहाँ सूचना विभिन्न शाखाओं/कार्यालयों में उपलब्ध हो, वहाँ PIO द्वारा धारा 5(4) के अंतर्गत सूचना का समेकन कर एकीकृत रूप में उपलब्ध कराया जाए।*

*आवेदकों को अनावश्यक रूप से अनेक प्राधिकरणों के विरुद्ध अपील करने के लिए बाध्य न किया जाए।*
*RTI प्रणाली में जवाबदेही एवं प्रभावी मॉनिटरिंग तंत्र विकसित किया जाए।*

*यह शिकायत वर्तमान में संबंधित प्राधिकरण के पास विचाराधीन (Under Process) है और इसे RTI PMU (NIC), नई दिल्ली के पास अग्रसारित किया गया है।*

*खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया है कि यदि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो देश के करोड़ों नागरिकों को RTI के माध्यम से सूचना प्राप्त करने में सहूलियत होगी और पारदर्शिता एवं जवाबदेही को नई मजबूती मिलेगी।*

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