“परीक्षित का वैराग्य और प्रह्लाद की भक्ति, कथा में मिला जीवन का सार”
तृतीय दिवस (30 अप्रैल 2026)
श्रीमद् भागवत कथा
श्री श्यामा श्याम रसिक परिवार के सानिध्य में चल रही श्रीमद भागवत कथा में आज कथा के तीसरे दिन पूज्य महाराज श्री जी ने अत्यंत भावपूर्ण ढंग से परीक्षित जी प्रकरण, शुकदेव जी आगमन तथा भक्त शिरोमणि प्रह्लाद जी चरित्र का अद्भुत वर्णन किया।
महाराज जी ने बताया कि राजा परीक्षित ने जब मृत्यु का समय निकट देखा तो सांसारिक मोह त्यागकर केवल भगवान की कथा श्रवण का संकल्प लिया। यही प्रसंग हमें यह शिक्षा देता है कि जीवन के अंतिम क्षणों में भी ईश्वर का स्मरण ही सबसे बड़ा साधन है।
इसके बाद उन्होंने शुकदेव जी के आगमन का वर्णन किया। शुकदेव जी ने अपने वैराग्य और ज्ञान से परीक्षित को भागवत कथा सुनाई। महाराज जी ने समझाया कि शुकदेव जी का आगमन यह दर्शाता है कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण चाहता है, तो स्वयं गुरु और ज्ञान उसके पास आ जाते हैं।
अंत में महाराज जी ने भक्त शिरोमणि प्रह्लाद जी का चरित्र सुनाया। उन्होंने बताया कि प्रह्लाद जी ने विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान विष्णु का नाम नहीं छोड़ा। हिरण्यकशिपु के अत्याचारों के बीच भी प्रह्लाद जी की अटूट भक्ति ने यह सिद्ध किया कि सच्चा भक्त किसी भी परिस्थिति में ईश्वर से विमुख नहीं होता। महाराज जी ने कहा कि प्रह्लाद जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि कठिनाइयाँ और संकट भक्त के लिए परीक्षा हैं, और दृढ़ विश्वास से ही विजय प्राप्त होती है।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुजन भावविभोर होकर "हरि बोल" और "जय श्री विष्णु" के जयकारे लगाते रहे। अनेक भक्तजन भजन मंडली के साथ झूमते हुए भक्ति रस में डूब गए।
मुख्य यजमान के साथ आज के दिवस यजमान श्री राम -मुद्रा कृष्ण एवं श्री मनोज -रश्मि छिब्बर ने नवग्रह पूजन आदि कर ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त किया |
भजन-कीर्तन की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
कथा में मुख्य रूप से पंकज गुप्ता, मनीष रस्तोगी, शोभित अग्रवाल, राहुल जौहरी, अशोक अवस्थी, अनिल गुप्ता, CA प्रमोद अग्रवाल, ऐ के सिंह, श्याम कृष्ण गुप्ता, मनोज छिब्बर, मुकेश रस्तोगी, संजीव रस्तोगी, सरल सक्सेना, राजीव गौड़, एकांश गुप्ता, अमर सिंह, गोवर्धन यादव, मनोज घई, संजय गुप्ता, शिवम् अग्रवाल, दीपक मेहरा, शशांक शेखर, सुमित अग्रवाल, सुबोध शर्मा, विनोद अरोड़ा, प्रेम नारायण केसरवानी, अवधेश रस्तोगी, हरीश रस्तोगी सहित संस्था के समस्त सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे।