ओडिशा के केओंझार से आई यह तस्वीर सिर्फ एक खबर नहीं… एक सवाल है.
ओडिशा के केओंझार से आई यह तस्वीर सिर्फ एक खबर नहीं… एक सवाल है.
महज 19,300 के लिए एक भाई को अपनी बहन का कंकाल बैंक तक लाना पड़ा…सोचिए, सिस्टम कितना कठोर हो चुका है…
कागज़ जीत गया… इंसान हार गया.
ये सिर्फ गरीबी नहीं, व्यवस्था की नाकामी है.क्या यही है “डिजिटल इंडिया” का सच?
दिल दहला देने वाली यह घटना हमें झकझोरती है- कब बदलेगा सिस्टम…?