यूएई ने ओपेक+ से अलग होने का किया ऐलान, 1 मई से लागू होगा फैसला
वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़े रणनीतिक बदलाव के तहत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ओपेक+ गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया है। यह फैसला 1 मई से प्रभावी होगा। यूएई का यह कदम उसे तेल उत्पादन और निर्यात नीति में अधिक स्वतंत्रता देगा। ओपेक+ समूह, जिसमें ओपेक देशों के साथ रूस जैसे बड़े उत्पादक शामिल हैं, अब तक उत्पादन नियंत्रण के जरिए वैश्विक तेल कीमतों को संतुलित करता रहा है। हालांकि यूएई लंबे समय से उत्पादन कोटा को लेकर असंतोष जता रहा था, क्योंकि उसका मानना था कि ये कोटा उसकी बढ़ती उत्पादन क्षमता के अनुरूप नहीं हैं। यूएई के इस फैसले से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। तेल आपूर्ति में संभावित वृद्धि से कीमतों पर दबाव आ सकता है, जिससे आयातक देशों को राहत मिल सकती है। वहीं ओपेक+ की एकजुटता कमजोर होने से भविष्य में उत्पादन नियंत्रण की रणनीति पर असर पड़ सकता है। यह कदम ऊर्जा राजनीति में शक्ति संतुलन को भी बदल सकता है।