पहाड़ विरोधी सरकार पर फूटा पूर्व आईएएस का गुस्सा.... खुले मंच से दी चेतावनी
स्थाई राजधानी गैरसैण समिति के संयोजक पूर्व आईएएस श्री विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व मे देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर आत्म स्वाभिमान और निर्जलता.... अधिकार और हनन...... सत्य और असत्य..... अत्याचार और प्रतिकार.... पहाड़ प्रेमियों और पहाड़ पर राजनीती करने वालों..... अस्थाई और स्थाई राजधानी के मध्य आज धर्म युद्ध का 54वां दिन, आज उन्होंने सरकार को खुले शब्दों मे चेतावनी दी और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही..... सरकार मे बैठे बड़े अधिकारीओं को भी आड़े हातों लिया और बहुत कुछ कहा....
अपने अधिकार पहाड़ की राजधानी पहाड़, पहाड़ की राजधानी गैरसैण..... जिस सपने को आंखों मे लिए 42+1(शहीद जीत बहादुर गुरंग, शहीद प्रताप सिंह,शहीद भुवन सिंह, शहीद सलीम, शहीद भगवान सिंह,शहीद शधर्मानंद भट्ट,शहीद गोपी चंद,शहीद परमजीत सिंह, शहीद रामपाल,शहीद बेलमती चौहान,शहीद हंसा धनाई, शहीद राम सिंह बंगारी,शहीद धनपत सिंह, शहीद मदनमोहन ममगाई,शहीद बलवीर सिंह नेगी, शहीद उमाकांत त्रिपाठी,शहीद राजेश नेगी,
शहीद गिरीश भद्री,शहीद सतेन्द्र सिंह चौहान,शहीद सूर्य प्रकाश थपलियाल,
शहीद राजेश लखेड़ा,शहीद अशोक कुमार,शहीद राजेश रावत,शहीद दीपक वालिया, शहीद बलवंत सिंह सजवाण,शहीद पृथ्वी सिंह बिष्ट,शहीद राकेश देवरानी,शहीद प्रताप सिंह बिष्ट,शहीद राजेश सिंह,शहीद यशोधर बैंजवाल,शहीद अशोक कुमार,शहीद शंकर दत्त पांडे,शहीद जेठू सिंह,शहीद विद्यादत्त जुयाल,शहीद ओम नेगी,शहीद गुरमीत,शहीद सुशील बंगारी,शहीद रवीन्द्र रावत,शहीद रफीक,शहीद प्रेम बाल्मीकी,शहीद नवीन बहुगुणा, शहीद
संजीव कुमार+++++ शहीद मोहन सिंह /बाबा मोहन उत्तराखंडी ) पहाड़ियों ने अपने प्राणो को न्योछावर कर दिया पर दुख़द और शर्मनाक कि आज राज्य बनने के 26वें साल मे भी हमारे सहिदों का सपना साकार न कर सकि हमारी पहाड़ विरोधी सरकारें...
रतूड़ी जी ने उत्तराखंड की जनता से भी अपील की और अधिक से अधिक संख्या मे उपस्थिती अंकित करने के लिए कहा, उन्होंने कहा की यह मात्र हमारी पीडा नही अपितु आपकी पीडा भी है...
आज के क्रमिक अनसनकारी श्री जगदीश प्रसाद मैठाणी ने कहा सरकार जनता को कीड़े मकोड़े की तरह मान रही है इसी लिए गंदे नाले पर धरना स्थल चिनित किया है...