अब रिपोर्ट कार्ड के साथ घर आएगी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका! शिक्षा विभाग का क्रांतिकारी फैसला
महाराष्ट्र स्कूल रिजल्ट 2025-26: 1 मई को आएगा परिणाम, उत्तर पुस्तिकाएं दिखाना अब अनिवार्य
मुंबई:
महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के परीक्षा परिणामों को लेकर एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसे शिक्षा जगत में 'क्रांतिकारी' माना जा रहा है। अब 1 मई को केवल प्रोग्रेस कार्ड (रिजल्ट) थमा देने से काम नहीं चलेगा; स्कूलों को अब अभिभावकों (Parents) को उनके बच्चों की असली उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) दिखाना अनिवार्य होगा।
1 मई को नतीजा, 2 मई से मौज!
शिक्षा विभाग के नए शेड्यूल के अनुसार, राज्य के सभी प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों का रिजल्ट 1 मई 2026 को घोषित किया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन, यानी 2 मई 2026 से पूरे महाराष्ट्र के राज्य बोर्ड स्कूलों में आधिकारिक तौर पर गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी।
सिर्फ नंबर नहीं, अब काबिलियत दिखेगी
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षा आयुक्त सचिन्द्र प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेशों के अनुसार: अभिभावक अब देख सकेंगे कि उनके बच्चे ने परीक्षा में असल में क्या लिखा है। शिक्षकों ने पेपर कैसे चेक किए हैं, इसमें अब पूरी पारदर्शिता रहेगी। सिर्फ अंकों (Marks) के पीछे भागने के बजाय, बच्चा कहाँ गलती कर रहा है और उसकी लेखन शैली कैसी है, इसका सटीक अंदाजा लगाया जा सकेगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
शिक्षण निदेशालय का मानना है कि इस कदम से पालकों और शिक्षकों के बीच संवाद बढ़ेगा। इसके कई बड़े फायदे गिनाए गए हैं:
कमी की पहचान: माता-पिता घर पर ही बच्चे की कमजोरियों को सुधारने में मदद कर पाएंगे।
जिम्मेदारी का अहसास: बच्चे की पढ़ाई और लिखने की आदतों के प्रति अभिभावक अधिक सजग होंगे।
भरोसा और पारदर्शिता: मूल्यांकन प्रक्रिया (Evaluation) पर पालकों का विश्वास बढ़ेगा।
सभी स्कूलों को सख्त आदेश
यह आदेश महाराष्ट्र के सभी मैनेजमेंट और सभी माध्यमों (मराठी, हिंदी, अंग्रेजी आदि) के स्कूलों पर लागू होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम राज्य की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नए स्तर पर ले जाएगा। अब 1 मई का दिन केवल पास या फेल होने का नहीं, बल्कि बच्चे के भविष्य की नई प्लानिंग का दिन होगा।