बेरमो मैं प्रकृति कहर।
बेरमो में कुदरत का कहर, भीषण आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जगहों पर गिरे पेड़ और पोल, घरों के उड़े एस्बेस्टस सीट
बेरमो
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने के कारण बेरमो कोयलांचल क्षेत्र में बुधवार को मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि चारों ओर तबाही के निशान नजर आने लगे। दोपहर के बाद अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। चक्रवातीय प्रभाव के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी, ओलावृस्ट बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। बहुत एज बारिश के साथ बड़े बड़े बर्फ के बारिश ने आम जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। आंधी तूफान और बारिश के वजह से दोपहर के समय पूरा क्षेत्र मे अंधेरा छा गया। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि क्षेत्र के कई हिस्सों में दशकों पुराने विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए। फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग और बेरमो-गोमिया रोड पर पेड़ों के गिरने से आवाजाही घंटों बाधित रही। राहगीरों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी। फुसरो, जारंगडीह, करगली और कथारा जैसे बड़े इलाकों में बिजली के पोल ताश के पत्तों की तरह गिर गए। हाई-टेंशन तार टूटने के कारण पूरे कोयलांचल में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। बिजली विभाग के अनुसार, नुकसान काफी अधिक है और बहाली में समय लग सकता है। शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे मकानों के एस्बेस्टस और छप्पर उड़ गए। बाजार क्षेत्रों में दुकानों के साइनबोर्ड और होर्डिंग्स उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। कुछ स्थानों पर खड़ी गाड़ियों पर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। फुसरो नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़ी चलंत शौचालय के ऊपर विशाल पेड़ गिरने से चलंत शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया।
पिछले कई दिनों से पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा था, जो इस तूफान के बाद गिरकर सीधे 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है। हालांकि, इस राहत के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लगी सब्जियों और अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, जिससे स्थानीय किसान चिंतित हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगर परिषद और बिजली विभाग की टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं। गैस कटर की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ किया जा रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बोकारो सहित आसपास के जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। अगले 48 घंटों तक इसी तरह के मौसम और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।